भारत ने घरेलू विनिर्माताओं (Domestic Manufacturers) की अलग-अलग कई शिकायतों के आधार पर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले 3 उत्पादों के खिलाफ डंपिंग रोधी जांच शुरू की है। वाणिज्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अगर ये शिकायतें सही पाई जाती हैं तो इसके खिलाफ कड़ा एक्शन भी लिया जाएगा। इस जांच में China के अलावा दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, अमेरिका और थाइलैंड जैसे देश भी शामिल हैं।
चीन के इन प्रोडक्ट्स के खिलाफ जांच
JPFLफिल्म्स ने चीन और थाइलैंड से आने वाली पैकेजिंग सेक्टर में उपयोग की जाने वाली बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलिएमाइड (BOPA) फिल्म के इंपोर्ट के जांच की मांग उठाई है। इसके अलावा भारतीय कंपनी विनती ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने चीन, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर से इंपोर्टेड कुछ एंटीऑक्सीडेंट के इंपोर्ट डंपिंग की जांच की मांग की है, जिनका उपयोग पॉलिमर उद्योग में होता है।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ थर्मल पेपर मैन्युफैक्चरर्स एंड अलाइड इंडस्ट्रीज ने थर्मल पेपर या थर्मल सेंसिटिव पेपर पर एंटी डंपिंग की मांग उठाई गई है। ITC लिमिटेड ने चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले डेकोर पेपर पर लागू एंटी डंपिंग शुल्क के ‘सनसेट रिव्यू’ की मांग की है।
भारतीय कंपनियों ने क्यों कि शिकायत?
व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) की नॉटीफिकेशन के अनुसार, सभी शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इन देशों से डंप किए गए उत्पादों के इंपोर्ट किए जाने से भारत के घरेलू उद्योगों को बहुत अधिक नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों को बचाने के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की मांग उठाई है।
भारत क्या कदम उठाएगा?
भारतीय कंपनियों के घरेलू उद्योगों को नुकसान होने की शिकायत के बाद भारत के जवाबी कार्रवाई पर नजरें हैं। नॉटीफिकेशन के मुताबिक यदि ये पाया जाता है कि डंपिंग से घरेलू उद्योग को वास्तव में नुकसान पहुंचा है, तो DGTR इन उत्पादों के आयात पर शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा। बता दें कि इंपोर्ट ड्यूटी को लागू करने का अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय लेता है। भारत पहले भी चीन सहित कई अन्य देशों से सस्ते इंपोर्ट पर लगाम लगाने के लिए कई उत्पादों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगा चुका है।