ड्राइविंग लाइसेंस में सरकार कई तरह के बदलाव कर सकती है। सराकर ने इस बात को लेकर प्रस्ताव रखा है कि ड्राइविंग लाइसेंस ऐसा हो, जिससे धारक की राष्ट्रीयता का पता चले।
सरकार के इस प्रस्ताव से तात्पर्य है कि अब देश में ऐसे ड्राइविंग लाइसेंस हों, जिसे देखते ही ये पता चल जाए कि कौन भारतीय है और कौन विदेशी। नए नियम के तहत भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग की स्कीम लागू की जाएगी।
ड्राइविंग लाइसेंस में होने वाले बड़े बदलाव
- भारतीय और विदेशियों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस।
- डाइविंग लाइसेंस से नागरिकता की पुष्टि।
- ड्राइविंग लाइसेंस में कॉन्टैक्ट नंबर और इमरजेंसी नंबर का होना जरूरी।
- हेल्थ कंडीशन की जानकारी देने का ऑप्शन।
- QR कोड वाला स्मार्ट कार्ड, चिप का इस्तेमाल नहीं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में बदलाव
- ड्राइविंग लाइसेंस एप्लीकेशन के लिए 1 फॉर्म और सभी सर्विसेज के लिए 1 फॉर्म
- पता और मोबाइल नंबर अपडेट कराने पर कोई चार्ज नहीं।
- सेफ ड्राइविंग पर कम से कम 30 मिनट का वीडियो ट्यूटोरियल।
- सेल्फ-असेसमेंट में कम से कम 75% स्कोर।
अलग-अलग रंगों के ड्राइविंग लाइसेंस
सड़क परिवहन मंत्रालय ने बुधवार को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें सरकार ने पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस (DL) पर धारक की राष्ट्रीयता का उल्लेख करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे।
इसके साथ ही, उम्र और पते के सबूत के तौर पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने दिए जाने वाले शपथ-पत्रों (affidavits) को खत्म करने का प्रस्ताव है, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल होने का खतरा रहता है।
इस ड्राफ्ट में, मंत्रालय ने पते, उम्र और पहचान के सबूत के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की सूची दी है। पते के सबूत में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ई-राशन कार्ड, पिछले तीन महीनों के बिजली या गैस बिल, और विदेशी नागरिकों के लिए कानूनी रूप से मौजूद होने का सबूत शामिल हैं।
उम्र के सबूत के तौर पर पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और सरकारी विभागों द्वारा जारी पहचान पत्र स्वीकार किए जाएंगे। पहचान के सबूत के लिए आधार, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड को मान्य माना गया है।
DL पाने के लिए 75% अंक जरूरी
सरकार ने नए प्रस्ताव में ऑनलाइन ‘सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट’ (सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल मूल्यांकन) को पास करने के लिए जरूरी अंकों को मौजूदा 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया जा सके।
साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए धारक को ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट डिटेल देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी है।
मंत्रालय ने कुछ खास DL सेवाओं (जैसे पता, नाम और कॉन्टैक्ट नंबर में बदलाव) के लिए फीस माफ करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इन सेवाओं के लाभ ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए ही मिलेगा।
अगर कोई आवेदक तय 12 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज नहीं दे पाता है, तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उम्र और पते के सबूत के तौर पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक के सामने दिए गए शपथ-पत्र को स्वीकार कर सकती है।
इन प्रस्तावित बदलावों का मकसद फर्जी दस्तावेज जमा करने पर रोक लगाना, मूल्यांकन की शर्तों को सख्त करना और लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाना है।
ड्राइविंग लाइसेंस अपडेट कराने का नियम
अधिकारियों को ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की जानकारी (जैसे नाम और पता) बदलने के लिए आए ऑनलाइन आवेदनों को 15 दिनों के भीतर मंजूर या नामंजूर करना होगा। यदि वे आवेदन को नामंजूर करते हैं, तो उन्हें इसका कारण भी बताना होगा। अगर पता बदलने का कोई आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहता है, तो उसे मंजूर मान लिया जाएगा।
इस ड्राफ्ट में एक ही आवेदन फॉर्म का प्रस्ताव भी है, जिसका इस्तेमाल DL रिन्यूअल, डुप्लिकेट लाइसेंस जारी करने, किसी नई श्रेणी के वाहन को जोड़ने और व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव जैसी सेवाओं के लिए किया जा सकेगा। आवेदक की जरूरी जानकारी, जहां भी उपलब्ध हो, ‘सारथी’ पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ले ली जाएगी।