हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में राज्य में आजीवन कारावास भुगत रहे दोषियों की समयपूर्व रिहाई से जुड़े स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथ पत्र दायर कर राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड की 30 जुलाई को हुई बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी अदालत को दी। सरकार की ओर से बताया गया कि उक्त बैठक में 26 सजायाफ्ता को समय पूर्व मुक्त किया गया।
राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक निर्धारित तीन माह में आयोजित की जा रही है। राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड की अगली बैठक तीन माह बाद फिर होगी। कोर्ट ने अगली बैठक के निर्णय को कोर्ट को अवगत कराने का निर्देश देते हुए सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया। मामले में अब अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
बता दें कि राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक समय से करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिशा निर्देश दिया है। हर तीन माह में राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड की बैठक होनी है। इसी आदेश को लेकर झारखंड हाई कोर्ट जनहित याचिका के माध्यम से इसकी निगरानी कर रहा है।