पांच बार सांसद चुने गए प्रल्हाद जोशी, मोदी सरकार में निभाईं कई अहम जिम्मेदारियां; जानिए उनका सियासी सफर…

देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।

वहीं, केंद्र सरकार ने कर्नाटक के वरिष्ठ भाजपा नेता प्रल्हाद वेंकटेश जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी है।

प्रल्हाद जोशी कौन हैं?

प्रल्हाद जोशी भाजपा के अनुभवी सांसद और प्रधानमंत्री मोदी के विश्वसनीय कैबिनेट सहयोगी हैं।

कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से वे लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है और राज्य में पार्टी का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय भी संभालेंगे।

कर्नाटक से शुरू हुआ राजनीतिक करियर

जोशी के राजनीतिक करियर की शुरुआत कर्नाटक में स्थानीय स्तर पर काम करने से हुई। वे पहली बार 1990 के दशक की शुरुआत में हुबली में ईदगाह मैदान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के विरोध में हुए जन प्रदर्शनों के दौरान सुर्खियों में आए। तब से वे विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान बना रहे हैं।

प्रल्हाद जोशी ने 2004 में धारवाड़ से अपनी पहली लोकसभा सीट जीती थी। मतदाताओं ने उन्हें फिर से निर्वाचित किया। इसके बाद 2009, 2014, 2019, और फिर 2024 में भी सांसद बने।

उन्होंने 2012 से 2016 तक भाजपा के कर्नाटक राज्य अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है और पूरे राज्य में पार्टी के संचालन का प्रबंधन किया है।

प्रल्हाद जोशी केंद्र सरकार में शासन का एक प्रमुख चेहरा हैं, जिन्होंने संसद में दो दशकों से अधिक समय तक कार्य किया है। शिक्षा मंत्रालय में उनका स्थानांतरण एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, क्योंकि यह विभाग देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में नीति कार्यान्वयन का कार्य करता है।

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