महाराष्ट्र की सियासत में राजनीतिक हलचल मची हुई है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।
पटेल ने बताया कि शरद पवार की हालत स्थिर है और मेडिकल चेकअप पूरे होने के बाद एक-दो दिन में उनके घर लौटने की उम्मीद है। पटेल की इस मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है। वे उन एनसीपी नेताओं में शामिल हैं, जो कथित तौर पर पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार के नेतृत्व से नाखुश बताए जाते हैं। पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह के बीच हुई इस मुलाकात ने पटेल के अस्पताल दौरे को एक राजनीतिक रंग दे दिया है।
अस्पताल में भर्ती शरद पवार
शरद पवार को सांस और छाती में संक्रमण के कारण बुधवार रात ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से छुट्टी मिली थी। अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने गुरुवार को बताया कि पवार की हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है।
डॉ. समदानी ने पत्रकारों से कहा, “शरद पवार को कल रात सांस और छाती में संक्रमण के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।” उन्होंने आगे बताया, “उनकी हालत स्थिर है और इलाज चल रहा है। उन्हें कल रात भर्ती किया गया था। उन्हें खांसी और संक्रमण था, जो ब्रोंकाइटिस जैसी समस्या हो सकती है। उनका इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।”
प्रफुल्ल पटेल ने क्या कहा?
पवार से मिलने के बाद पटेल ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होना उनके रूटीन मेडिकल चेकअप का हिस्सा था और उनकी सेहत ठीक है। उन्होंने इस अटकल को भी खारिज कर दिया कि उनकी मुलाकात में कोई राजनीतिक चर्चा हुई थी।
उन्होंने कहा कि वे शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले से उनके पारिवारिक संबंधों के कारण मिलते रहते हैं। एक्स पर एक पोस्ट में पटेल ने कहा, “मैंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आदरणीय शरद पवार साहब से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।”
पवार की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए पटेल ने कहा, “दो दिन पहले थकान महसूस होने के कारण शरद पवार को चेकअप के लिए पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया गया था। इसके बाद वे मुंबई आ गए और यहां उनकी तबीयत ठीक है। आमतौर पर साल में एक या दो बार पूरा चेकअप कराया जाता है, इसी सिलसिले में उन्हें यहां ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत अच्छी है।”
पटेल ने आगे कहा, “मुझे खुशी है कि मैं उनसे मिलने आया, सब कुछ ठीक है और वे काफी अच्छे मूड में थे। वे देश और राज्य की राजनीति में क्या चल रहा है, इसके बारे में पूछ रहे थे, क्योंकि इसमें उनकी गहरी दिलचस्पी है। हमारी अच्छी बातचीत हुई। मुझे खुशी है कि एक-दो दिनों में उनके सभी चेकअप पूरे हो जाएंगे, जिसके बाद वे जल्द ही घर लौट सकेंगे और आराम कर सकेंगे।”
पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पवार के बीच हुई बातचीत पर भी टिप्पणी की और उनके रिश्ते को पुराना और सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इतने सालों के जुड़ाव को देखते हुए मोदी का पवार की तबीयत के बारे में पूछने के लिए फोन करना स्वाभाविक ही था।
उन्होंने कहा, “शरद पवार और नरेंद्र मोदी का रिश्ता बहुत पुराना है। मैं भी मोदी जी को कई सालों से जानता हूं और व्यक्तिगत रूप से उनके और पवार साहब के बीच के रिश्ते के बारे में जानता हूं… मैंने सालों से उनके बीच एक बहुत अच्छा, सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक रिश्ता देखा है। यह तब भी था जब हम दिल्ली में यूपीए सरकार में थे और मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे… आज मोदी जी देश के एक बहुत वरिष्ठ नेता हैं। इसलिए, अगर उन्हें शरद पवार जी की तबीयत के बारे में पता चला तो उनका हाल-चाल पूछना और उनसे बात करना स्वाभाविक ही था।”
सियासी हलचल तेज
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब बीजेपी के भीतर अपने सहयोगी दल एनसीपी में चल रहे संगठनात्मक मतभेदों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार देर रात एनसीपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। माना जा रहा है कि ये नेता पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ से नाराज हैं। शाह ने उनसे पार्टी के हित में अपने मतभेदों को सुलझाने का आग्रह किया।
शाह से मुलाकात करने वालों में एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ, तथा नेता धनंजय मुंडे और दिलीप पाटिल शामिल थे। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ इस बैठक में मौजूद नहीं थे। इस बैठक के बाद सुनेत्रा पवार ने मुंबई में एक कोर कमेटी की बैठक बुलाई।