Donald Trump सरकार के 15% वैश्विक टैरिफ से भारत को संभावित लाभ, कई वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती; अगले महीने व्यापार समझौते पर लग सकती है मुहर…

भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों के लिए 24 फरवरी 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने जा रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ को 25% से घटाकर 15% करने का निर्णय लिया है।

यह राहत फिलहाल 150 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर लागू की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आगामी बड़े व्यापार समझौते का संकेत है।

ऐसे समझें पूरा मामला

  • टैरिफ में भारी कटौती: भारतीय निर्यातकों को अब 25% के बजाय केवल 15% अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
  • 24 फरवरी से लागू: नई दरें परसों (मंगलवार) से प्रभावी हो जाएंगी।
  • व्यापार समझौता: सूत्रों के अनुसार, अगले महीने भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है।
  • अस्थायी राहत: यह कटौती शुरुआती 150 दिनों के लिए लागू रहेगी, जिसे समझौते की प्रगति के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

भारत को क्या होगा लाभ?

इस फैसले से भारत के टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, आईटी और इंजीनियरिंग सामान के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा।

अमेरिका में भारतीय उत्पाद सस्ते होने से उनकी मांग बढ़ेगी, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार और निर्यात सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

अगले महीने होने वाले संभावित समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए द्वार खुल सकते हैं, जिससे रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।

ट्रंप ने लगाया था 50 प्रतिशत टैरिफ

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से कारोबारी शुल्क को लेकर तनाव बना हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले भारत पर 50% तक का आयात शुल्क लगाया था। इसमें 25 फीसद का टैक्स रूस से तेल खरीदने के लिए जुर्माने के तौर पर लगाया गया।

इस महीने की शुरुआत में ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच टेलीफोन पर बात हुई और टैरिफ को घटा कर 18% करने की घोषणा हुई। अंतरिम कारोबारी समझौता करने के लिए नया मसौदा जारी किया गया।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के कुछ घंटे पहले ही नई दिल्ली में अमेरिकी राजूदत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच अगले सप्ताह व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता की जानकारी दी।

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि आगामी वार्ता से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को जल्दी से सामान्य किया जा सकेगा। लेकिन अब स्थिति फिर से पहले जैसी ही अस्पष्ट है।

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