असम के गुवाहाटी शहर के बीचों-बीच बने कॉटन कॉलेज, पूर्वोत्तर का सबसे पुराना हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट है। इस कैंपस को बाहर से देखने पर लगता है, जैसे ब्रिटिश काल में बने किसी किले का अवशेष हो लेकिन अंदर घुसो तो किताबों और राजनीति की खुशबू इसके हर कोने में मौजूद है।
कॉटन कॉलेज का असम की राजनीति में कितना दखल है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक असम के 15 मुख्यमंत्रियों में से 7 इसी एक कॉलेज के छात्र रहे हैं। यहां सिर्फ डिग्री नहीं मिलती है, इसके साथ ही मिलती है राजनीति की हर वह जरूरी सीख जो किसी छात्र को राज्य की राजनीति में सबसे ऊंचे मुकाम तक पहुंचा सकता है।
19 साल की उम्र में राजनीति में रखा कदम
1901 में बना यह कॉलेज, असम को राज्य बनाने से लेकर बांग्ला प्रवासियों के खिलाफ शुरू हुए छात्र आंदोलन का केंद्र रहा है। इस कॉलेज ने जो चेहरे दिए, उनको देखकर लगता है कि असम की राजनीति का आधा इतिहास तो इसी कॉलेज के रजिस्टर में बंद है।