पूर्व केंद्रीय मंत्री जीके वासन के नेतृत्व वाली ‘तमिल मनीला कांग्रेस-मूपनार’ (टीएमसी-एम) ने रविवार को राजग से अलग होने का निर्णय लिया, ताकि वह स्वतंत्र रूप से अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर सके।तमिलनाडु में राजग का नेतृत्व अन्नाद्रमुक कर रही है और इसके घटक दल एएमएमके, पीएमके (अंबूमणि) और जीके वासन की तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) हैं।
पार्टी ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सफल नहीं हो पाई। 600 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण कार्यकारी समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि भाजपा और अन्नाद्रमुक जैसे पूर्व सहयोगियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे जाएंगे। वासन ने कहा, “यह चुनाव का समय नहीं है और यह निर्णय हमारे जिला अध्यक्षों और राज्य कार्यकारियों से मिले भारी फीडबैक के आधार पर लिया गया है, जो चाहते हैं कि पार्टी अपनी विशिष्ट पहचान के साथ काम करे ताकि अपनी नींव को फिर से मजबूत किया जा सके।”
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में निरंतर गठबंधन राजनीति ने अनजाने में पार्टी की स्वतंत्र ताकत को कमजोर किया और इसके पदाधिकारियों की क्षेत्रीय गतिविधियों को कम किया।
पूर्व जहाजरानी मंत्री वासन ने बताया कि गठबंधन के कार्यकाल के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को अक्सर ऐसा महसूस होता था कि उनकी मूल संगठनात्मक जिम्मेदारियां कम हो गई हैं, जिससे विकास में बाधा आई।
संगठनात्मक सहमति पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि मेगा परामर्श बैठक के दौरान 600 उपस्थित लोगों में से 450 कार्यकर्ताओं ने सीधे और लिखित रूप में अपनी राय दर्ज की।
अधिकांश कार्यकर्ताओं ने दृढ़ता से महसूस किया कि पार्टी को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए ताकि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपनी जमीनी नींव को फिर से स्थापित किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व, अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी, एएमएमके के संस्थापक टीटीवी दिनाकरण, पीएमके के डॉ. अंबूमणि रामदास और आइजेके के प्रमुख एसी शानमुगम के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वासन ने कहा कि उनकी पार्टी का तत्काल ध्यान आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मजबूत स्थिति बनाने पर है।