खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अदालत ने 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आगे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
आज पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। यह पेशी वर्ष 2023 के अजनाला थाना हमला मामले से जुड़ी है, जिसमें अमृतपाल समेत करीब 41 लोगों पर दंगा, हमला, साजिश और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं दर्ज हैं।
अमृतपाल इस समय डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, जिसके चलते उसे फिजिकल तौर पर अमृतसर नहीं लाया गया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए हाई कोर्ट ने भी डिजिटल पेशी को उचित माना था, क्योंकि उसे अमृतसर लाने पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई थी। अब पुलिस रिमांड के दौरान मामले से जुड़े अन्य आरोपितों और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करेगी।
2023 में हुआ था अजनाला कांड
अजनाला कांड फरवरी 2023 में सामने आया था, जब अमृतपाल और उसके समर्थकों ने कथित तौर पर हथियारों के साथ पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए थाने में घुसकर अपने एक साथी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। इसी मामले में अमृतपाल को मुख्य आरोपित बनाया गया है।
उस पर हत्या के प्रयास (धारा 307), सरकारी कर्मचारी पर हमला (धारा 353), आपराधिक साजिश (धारा 120बी), दंगा (धारा 148) और गैरकानूनी जमावड़ा (धारा 149) समेत आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एनएसए अवधि खत्म होने के बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति दी है। इसके साथ ही अदालत ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रायल की कार्यवाही को वर्चुअल मोड में चलाने की इजाजत भी दी है।
कई जगहों पर दर्ज है मामला
अमृतपाल सिंह के खिलाफ केवल अजनाला मामला ही नहीं, बल्कि अमृतसर, जालंधर और मोगा समेत कई जिलों में दर्ज करीब एक दर्जन अन्य केस भी लंबित हैं। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में जेल में रहते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी।
हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते उसे संसद सत्र में भाग लेने के लिए सीमित राहत ही मिल सकी। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।