पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और हिंसा के बीच गुलाम जम्मू-कश्मीर में कराए गए विधानसभा चुनावों के नतीजों में पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी काफी आगे चल रही है।
ये चुनाव ऐसे समय कराए गए, जब विभिन्न मांगों को लेकर क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं और एक प्रतिबंधित संगठन ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना बर्बर कार्रवाई कर रही है।
क्षेत्रीय चुनाव आयोग के प्रवक्ता राजा शकील ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) समर्थित उम्मीदवारों ने पहले दो चरणों के मतदान में 34 में से 24 सीटों पर जीत हासिल की है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा चिंताओं के कारण चुनाव तीन चरण में कराए जा रहे हैं। शेष 11 सीट के लिए मतदान दस अगस्त को होगा।
क्षेत्रीय सरकार और चुनाव अधिकारियों ने दावा किया कि सुरक्षा चिंताओं व ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) द्वारा चुनाव बहिष्कार की अपील के बावजूद मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ।
बता दें कि नागरिक अधिकार संगठन जेएएसी 12 आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग के अलावा जल विद्युत परियोजनाओं पर दोबारा बातचीत करने, आवश्यक वस्तुओं जैसे आटे पर सब्सिडी, बिजली की दरों को कम करने जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। 2023 में स्थापित जेएएसी गुलाम जम्मू-कश्मीर में एक प्रभावशाली नागरिक अधिकार मंच के रूप में उभरा है।
एएनआई के अनुसार, गुलाम जम्मू-कश्मीर में बर्बरता के खिलाफ और जेएएसी की मांगों का समर्थन करने के लिए ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया।