PM Narendra Modi बोले- युवाओं को ध्यान में रखकर किए गए अंतरराष्ट्रीय समझौते, चयनित युवाओं से कर्मयोगी बनने का आह्वान…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि हमने जितने भी अंतरराष्ट्रीय समझौते किए हैं, वह सब युवाओं को ध्यान में रखते हुए किए हैं।

दर्जनों देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली वैश्विक कंपनियों के लीडरों ने भी भारत के युवाओं और उनकी तकनीकी प्रगति के प्रति उत्साह दिखाया है।

देश के युवा विकसित भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आज विश्व भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनाना चाहता है।

19वें रोजगार मेले में 51,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की नौकरियों के नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि रोजगार मेले युवा शक्ति को नए अवसर प्रदान करने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने सरकारी सेवा में नए प्रवेशकों का स्वागत करते हुए रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर बल दिया। उन्होंने नए भर्ती हुए इन युवा कर्मचारियों को ‘कर्मयोगी’ बनने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने कहा कि युवा आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न अपनी पांच देशों की यात्रा के कूटनीतिक और आर्थिक परिणामों के बारे में विस्तार से बताया और प्रत्येक देश के साथ हुए क्षेत्र-विशिष्ट समझौतों और वार्ताओं का उल्लेख दिया।

इनमें नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर, जल, कृषि और एंडवास्ड मैन्यूफैक्चिरंग पर चर्चा, स्वीडन के साथ एआइ और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत, नार्वे के साथ हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री सहयोग पर चर्चा, संयुक्त अरब अमीरात के साथ रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर समझौते और और इटली के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर समझौते शामिल हैं।

ये वे क्षेत्र हैं जो अगले 25 वर्षों में वैश्विक विकास को परिभाषित करने वाले उद्योगों को आकार देंगे।

कॉकरोच पार्टी के जरिये युवाओं को बरगलाने की कोशिश के बीच मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय समझौते विशेष रूप से युवाओं के हित में किए गए हैं और इनका उद्देश्य भारत के युवाओं को रोजगार और वैश्विक अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने रोजगार सृजन के लिए प्रत्येक समझौते के प्रत्यक्ष महत्व को बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक नया निवेश, प्रत्येक तकनीकी साझेदारी और प्रत्येक औद्योगिक सहयोग से अंततः भारत के युवाओं के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।


पीएम मोदी ने यह भी कहा

  • विदेशी साझेदारियां एक नई आर्थिकी और नए अवसरों के दरवाजे खोल रही हैं। भारत के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
  • भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बन गया है, जिसमें 2.30 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं।
  • एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रानिक्स समझौता का उदाहरण सामने है। भारत उन कुछ देशों में से एक है जिनके साथ डच सेमीकंडक्टर दिग्गज ने समझौता किया है।
  • आज की दुनिया उन देशों का सम्मान करती है जो नवाचार करते हैं, निर्माण करते हैं और बड़े पैमाने पर वितरित करते हैं। देश इन तीनों मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है। इस परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ी शक्ति भारत का युवा है।

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