जस्टिन ट्रूडो के प्रधानमंत्रित्व काल में भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में जो टकराव आया था, वह तकरीबन पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इस बात के संकेत फ्रांस में हो रही जी-7 बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय बैठक से मिले।
भारत-कनाडा संबंध मजबूत: पीएम मोदी
बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा को एक मित्र देश बताया और कहा कि दोनों देशों के संबंधों में अच्छी प्रगति हो रही है। पिछले एक वर्ष के भीतर मोदी और कार्नी के बीच चार बैठकें हो चुकी हैं।
मंगलवार को दोनों नेता पांचवीं बार मिले, जबकि कई बार इनके बीच टेलीफोन पर भी बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मित्र देश के तौर पर हमारे संबंधों में काफी प्रगति हो रही है।
कनाडा में रहने वाले भारतीय नागरिकों की जिस प्रकार आप चिंता करते हैं, हम आपके काफी आभारी हैं। हम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर काफी उत्सुक हैं। आपने मुझे कनाडा आने के लिए आमंत्रित किया है।
ऊर्जा सहयोग पर दोनों देशों की सहमति: PM
मेरा भी प्रयास है कि इसी वर्ष मैं कनाडा आऊं और आने से पहले ही व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी कर लें।’ मोदी ने आगे कहा कि हम कनाडा के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बहुत कुछ करना चाहते हैं। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में कनाडा हमारा काफी महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।
इसके जवाब में प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि हम आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने में तेजी से काम कर रहे हैं। हम बहुत जल्द निर्धारित समय के भीतर कारोबारी समझौते पर बातचीत पूरी करेंगे।