बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और राजनयिक परिसरों को निशाना बनाए जाने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर विदेश मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने केंद्र सरकार को विदेश में भारतीय मिशनों की सुरक्षा के लिए विशेष बजट उप-श्रेणी बनाने और उच्च जोखिम वाले स्थानों को प्राथमिकता देते हुए सभी भारतीय मिशनों का ‘तत्काल सुरक्षा आडिट’ करने की सिफारिश की है।
इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद शशि थरूर हैं।
मंगलवार को संसद में पेश रिपोर्ट में, स्थायी समिति ने कहा कि विदेश में स्थित 219 मिशनों और दूतावासों की सुरक्षा के लिए ‘कोई विशेष बजट मद नहीं है’, और सुरक्षा व्यय सामान्य मदों से पूरा किया जा रहा है।
समिति ने मंत्रालय से मिशन सुरक्षा के लिए विशेष बजट उप-श्रेणी बनाने की सिफारिश की है, जिसमें व्यापक खतरे के आकलन के आधार पर विशेष वार्षिक आवंटन किया जाए।
बजट अनुदान मांगों (2026-27) पर विदेश मामलों की समिति की 12वीं रिपोर्ट में बजट आवंटन से लेकर पासपोर्ट सुविधाओं तक 62 सिफारिशें शामिल हैं। रिपोर्ट में भारत की कई पड़ोसी देशों को दी गई सहायता के बारे में भी विवरण दिया गया है।
समिति ने पेरिस और वॉशिंगटन डीसी में भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों की स्थिति पर भी गौर किया है।
समिति ने कहा कि आईसीसीआर(भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद) और विदेश मंत्रालय भारत के 38 भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों में नए केंद्र खोले जा सकें और सुनिश्चित किया जा सके कि मौजूदा केंद्रों को ऐसे स्थानों पर रखा जाए जहां उनका अधिकतम प्रभाव हो सके।
समिति ने पेरिस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के नवीनीकरण के पूरा होने का स्वागत किया और वॉशिंगटन डीसी में सांस्कृतिक उपस्थिति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने और इस संबंध में समिति को सूचित करने का आग्रह किया है।