चुनाव की घोषणा के दूसरे दिन भी निर्वाचन आयोग एक्शन में दिखा। आयोग ने निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए बंगाल और केरल के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों को हटा दिए है।
आयोग ने इस दौरान बंगाल के 13 जिलों के एसपी व एसएसपी को हटा दिया है, वहीं आइजी स्तर के भी छह अधिकारियों को हटाते हुए उनकी जगह नए अधिकारियों की तैनाती दी है।
आयोग इसके साथ ही केरल के भी कई जिलों के निर्वाचन अधिकारी व पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया है। इससे पहले बंगाल में इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव का भी तबादला किया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को आइपीएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को दक्षिण बंगाल का नया एडीजी नियुक्त किया गया है। वहीं के जयरामन को उत्तर बंगाल के एडीजी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों 1997 बैच के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी हैं।
आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बराकपोर और चंदननगर जिलों में भी नए कमिश्नर ऑफ पुलिस की नियुक्ति की गई है। 13 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी ताजा फेरबदल में बदले गए हैं।
विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद निर्वाचन आयोग ने बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पद से हटा दिया था। आयोग ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों अधिकारी किसी भी चुनाव संबंधी काम में शामिल नहीं हो सकेंगे।
नंदिनी चक्रवर्ती की जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुश्मंत नारियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। 1997 बैच की अधिकारी संघमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है।
केरल में फेरबदल तत्काल लागू करने की हिदायत
प्रेट्र के अनुसार, केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को आइएएस और आइपीएस समेत कई अधिकारियों के तबादलों के आदेश दिए। निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को संबोधित एक पत्र में फेरबदल को तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है।
आयोग के आदेश के अनुसार, नारायणन को कोझिकोड के जिला पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया है, जबकि थामसन जोस त्रिशूर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक के रूप में कार्य करेंगे। इनबासेखर को अलाप्पुझा का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
आयोग ने निर्देश दिया कि तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं और राज्य सरकार से 18 मार्च को सुबह 11 बजे तक अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने को कहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों का तबादला हो चुका है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव संबंधी किसी भी कार्य में तैनात नहीं किया जाना चाहिए।
अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में तुरंत पहुंचे पर्यवेक्षक: आयोग
बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा होने के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों से 18 मार्च तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने व उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है। आयोग ने इसके साथ ही पर्यवेक्षकों से लोगों से मिलने के लिए प्रतिदिन अपना समय निर्धारित करने को कहा है ताकि उम्मीदवार, राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधि निर्धारित समय पर चुनाव से जुड़ी शिकायतें उनके सामने रख सकें।
आयोग ने इस बीच बंगाल, तमिलनाडु सहित पांचों चुनावी राज्यों में 1111 पर्यवेक्षक तैनात किए है। इनमें सबसे अधिक 478 पर्यवेक्षक अकेले बंगाल में तैनात किए है। इनमें 294 सामान्य, 84 पुलिस और 151 व्यय पर्यवेक्षक है।
वहीं तमिलनाडु में 327, असम में 136, केरल में 108 और पुडुचेरी में 38 पर्यवेक्षक तैनात किए है। पांचों राज्यों में तैनात किए गए 1111 पर्यवेक्षकों में से 557 सामान्य, 188 पुलिस और 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल है।
आयोग ने पहली बार पांच राज्यों में बड़ी संख्या में पुलिस पर्यवेक्षक लगाए है। आयोग इस दौरान सबसे अधिक जोर हिंसा व प्रलोभन मुक्त चुनाव कराने पर है। ताकि मतदाता बगैर किसी डर या पक्षपात के अपना वोट डाल सकें।
गौरतलब है कि इन पांच राज्यों के चुनाव की 15 मार्च को हुई घोषणा के बाद इन राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हुई है। बंगाल सहित कई राज्यों में राजनीतिक दलों से अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए है।