फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने करीब दो दशक बाद होने वाले संसदीय चुनावों को एक बार फिर टाल दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, अगले महीने प्रस्तावित चुनाव अब 11 सितंबर 2027 को होंगे। इसी दिन राष्ट्रपति चुनाव कराने की भी योजना है।
इस फैसले से फलस्तीनी नेतृत्व की जवाबदेही और फलस्तीनी प्राधिकरण की विश्वसनीयता पर सवाल उठने की आशंका है। अब्बास की फतह पार्टी का फलस्तीनी प्राधिकरण पर प्रभुत्व है, जो इजरायल के कब्जे वाले पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों का प्रशासन संभालता है।
फलस्तीनी मुक्ति संगठन की कार्यकारी समिति ने कहा कि पूर्वी यरुशलम, पश्चिमी तट और गाजा पट्टी के मौजूदा हालात चुनाव कराने के अनुकूल नहीं हैं।
फलस्तीन में पिछला संसदीय चुनाव 2006 में हुआ था, जिसमें हमास ने बहुमत हासिल किया था। इसके बाद राजनीतिक तनाव बढ़ा और 2007 में हमास ने गाजा पर नियंत्रण कर लिया। तब से फलस्तीनी क्षेत्रों में सत्ता विभाजित है।
हमास गाजा में, जबकि अब्बास का प्रशासन पश्चिमी तट में शासन कर रहा है। अब्बास 2005 से राष्ट्रपति पद पर हैं और उनके कार्यकाल में कई बार चुनाव स्थगित किए जा चुके हैं।