ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2026 में पाकिस्तान पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बनकर उभरा है।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक ओर जहां पाकिस्तान की सेना अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की मेजबानी और सऊदी अरब में सैनिक भेजकर वैश्विक स्तर पर सुर्खिया बटोरनी की कोशिश कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर देश के भीतर ही वह उन आतंकवादी समूहों से हार का सामना कर रही है जिसे उसने खुद पाला-पोसा था।
दरअसल, 30 मार्च को जारी किए गए सूचकांक में पाकिस्तान को आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में शीर्ष स्थान पर रखा गया है।
यह पहली बार है जब पाकिस्तान को पहला स्थान मिला है। पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में आतंकवादी समूहों के हाथों चौंकाने वाली रूप से अपनी पकड़ खो रही है।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़े हमले
यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है, जिसमें पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख और अब फील्ड मार्शल का जिक्र किया गया है।
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे अशांत प्रांतों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के बढ़ते और घातक हमलों के आगे अपनी छावनियों और सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अशांत खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में इन हमलों का चौंका देने वाला 74% और मौतों का 67% हिस्सा था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल की शुरुआत में, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पिछले कई वर्षों में अपने सबसे सुनियोजित हमलों में से एक को अंजाम दिया, जिसमें राजधानी क्वेटा और बंदरगाह शहर ग्वादर सहित बलूचिस्तान के कम से कम नौ जिलों में हमले किए गए।
सार्वजनिक जगहों पर हमला
इन हमलों में पुलिस स्टेशनों, बैंकों, बाजारों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जिसमें दर्जनों नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए। इसमें इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद के बाहर हुए एक बड़े आत्मघाती बम हमले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कम से कम 31 नमाजियों की मौत हो गई थी। 7 से 15 मई के बीच खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में पहले ही पांच हमले हो चुके हैं।