राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा कि हमारी संस्कृति पूरे विश्व में श्रेष्ठ है। इसके श्रेष्ठ बनाए रखने के लिए हमको भी खुद को श्रेष्ठ बनाना पड़ेगा।
भैयाजी जोशी ने आगे कहा कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विचारवान लोगों का समूह बढ़ा है, इसलिए समाज में परिवर्तन लाने का जो वातावरण बनना चाहिए, वह बन रहा, लेकिन यह आवश्यक है कि समाज में व्यक्ति को प्रतिबद्ध होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नकारात्मक न हो, क्योंकि नकारात्मक व्यक्ति सामाजिक नवनिर्माण नहीं कर सकता। समाज को प्रगतिशील बनाना है तो व्यक्ति को संकल्प लेना होगा। संकल्प विचारों से आता है।यह बात भैय्याजी जोशी ने देवास में रविवार को आयोजित महायोगी अरविंद के जन्मोत्सव कार्यक्रम में कही।
मुख्य अतिथि भैयाजी जोशी ने कहा कि अरविंद ने पहले ही परिकल्पना कर ली थी कि देश का जो विभाजन है, वह अप्राकृतिक है। पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में हमारी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। कार्यक्रम में रामायण के श्लोकों पर अरविंद के विचारों की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक गायत्रीराजे पवार एवं महंत रितेशदास बैरागी ने भी विचार रखे।