केरलम में ईडी की जांच से पता चला है कि अंग तस्करी रैकेट एक मेडिकल टूरिज्म कंपनी की आड़ में काम करता था और आर्थिक रूप से परेशान डोनर्स का फायदा उठाता था।
ईडी ने पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआइआर के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद केरलम में अस्पतालों समेत नौ जगहों पर तलाशी ली।
अंग तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़
ईडी ने कहा, ‘शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपित मोहम्मद नजीब के. और उनकी पार्टनर रशीदा ए. ए. ने अपनी कंपनी कल्लाथारस मेडिकल टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 2021 से 2026 के बीच यह रैकेट चलाया।’
ईडी ने आगे बताया, ‘एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए, उन्होंने आर्थिक रूप से परेशान डोनर्स को निशाना बनाया और उन्हें पांच लाख से 15 लाख रुपये देने का लालच दिया, जबकि लेने वालों से 20 लाख से 35 लाख रुपये या उससे अधिक वसूले।’
एजेंसी के मुताबिक, आरोपितों ने कई दस्तावेजों में हेराफेरी की, जिनमें पुलिस द्वारा जारी किए गए कथित फर्जी परोपकार प्रमाण-पत्र, जन-प्रतिनिधियों के सिफारिश पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सहायक दस्तावेज शामिल थे।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि जाली दस्तावेज कथित तौर पर एर्नाकुलम जिले के पल्लीकारा में सन कम्युनिकेशंस डीटीपी सेंटर और साइन एचडी डिजिटल स्टूडियो में तैयार किए गए थे।