अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने महज कुछ हफ्तों में निर्णायक सैन्य परिणाम’ दिए हैं।
उन्होंने इसे अतीत के लंबे और अनिर्णायक युद्धों- जैसे कोरिया, वियतनाम, इराक और अफगानिस्तान- से अलग बताते हुए कहा कि यह अभियान शुरुआत से ही स्पष्ट उद्देश्यों और केंद्रित रणनीति पर आधारित रहा है।
प्रेस कान्फ्रेंस में हेगसेथ ने कहा कि इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
उन्होंने इसे “साहसिक और ऐतिहासिक मिशन” बताते हुए कहा कि अभियान अब नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी
हेगसेथ के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में गति, सटीकता और मापने योग्य परिणामों पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी लगातार मजबूत की जा रही है और अब समझौते की गेंद तेहरान के पाले में है।
इस दौरान ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त समुद्री नाकेबंदी जारी रखेगा और राष्ट्रपति के आदेश पर बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था, जिसका उद्देश्य ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करना और उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकना है।