लद्दाख के मुद्दों को लेकर केंद्र के साथ हाल ही में हुई बैठक पर पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगुचक ने निराशा जाहिर की है। सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने मीटिंग को लेकर तंज किया और पदयात्रा का एलान किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख के मुद्दों को लेकर वह केंद्र का आश्वासन चाहते हैं।
एक्स प्लेटफार्म पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि हेलो दोस्तों… कॉकरोचों में इस समय दिल्ली में हूं। यह वही जगह है जहां (जंतर-मंतर) हमने भूखे रहकर कई हफ्ते गुजारे। हम यहां लद्दाख के मुद्दों को लेकर गृह मंत्रालय के साथ बैठ करने आए थे। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
जसपाल सिंह भट्टी के शो से जुड़ी एक क्लिप शेयर करते हुए उन्होंने कहा बैठक में बस चाय अच्छी थी। बैठक अब अगले महीने होगी।
हमें केंद्र का आश्वासन चाहिए: सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाखियों की कई मांगें हैं, जैसे यहां एक लोकतांत्रिक ढांचा बनाया जाए। विधानसभा का गठन हो ताकि स्थानीय लोग फैसले ले सके। भूमि-पर्यावरण आदि को लेकर यहां के लोग स्वतंत्र फैसले ले सकें। सोनम वांगचुक ने कहा कि हमने हमने सरकार से सिर्फ एक जायज आश्वासन की उम्मीद की थी, जो हमें नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब तक लद्दाख में एक लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित नहीं होता प्रशासन कोई ऐसा फैसला न ले जिससे लद्दाख की सूरत बदल जाए। पर्यावरणविद ने कहा कि हमें लोकतांत्रिक ढांचे के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान करना चाहिए और इसका हमें इंतजार भी है।
सोनम वांगचुक ने लोगों से की अपील
सोनम वांगचुक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इसलिए हम चाहते हैं कि आप हमारी मदद के लिए आगे आएं। हम 19 से 24 सितंबर के बीच लद्दाख में एक बड़ी पदयात्रा कर रहे हैं।
इस बीच केंद्र का आश्वासन अगर आ जाता है तो हम इस पदयात्रा को लद्दाख के शहीदों के लिए याद रखेंगे। यदि इस बीच भी केंद्र कोई प्रतिक्रिया नहीं देता तो हम एक बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
केंद्र के साथ हुई थी लद्दाखियों की बैठक
बता दें कि बुधवार को केंद्र सरकार ने लद्दाख के स्थानीय संगठनों के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग में केंद्र ने लद्दाख को राज्य या विधायिका वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाने से फिलहाल मना कर दिया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के नेताओं से अनुच्छेद 371 के ड्राफ्ट से पहले लद्दाख के प्रस्तावित राजनीतिक ढांचे से संबंधित आठ से दस मुख्य मुद्दों पर विचार करने और निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कहा था। केंद्र और लद्दाख के लीडरशीप ने एक ऐसे अद्वितीय मॉडल पर काम करने पर सहमति जताई है जो एक निर्वाचित निकाय को विधायी, कार्यकारी व वित्तीय शक्तियां प्रदा करे।