तेलंगाना के नलगोंडा जिले में शुक्रवार को एक फार्मा यूनिट में हुए रिएक्टर विस्फोट में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।
यह हादसा चिट्याला मंडल के वेलिमिनेड़ु गांव के पास स्थित यूनिट में हुआ, जहां काम के दौरान अचानक धमाका हो गया।
धमाके के बाद यूनिट के तीसरे ब्लॉक में आग लग गई और वहां घना धुआं फैल गया। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया।
घायल सभी मजदूरों को नर्केटपल्ली स्थित कामिनेनी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई।
मृतक की पहचान बोड्डु बालकृष्ण के रूप में हुई, जो नलगोंडा के चिन्नाकापार्थी गांव का रहने वाला था।
घायलों की हालत गंभीर
घटना में घायल आठ मजदूरों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यह उसी फार्मा यूनिट में एक महीने के भीतर दूसरी घटना है। इससे पहले 9 अप्रैल को भी इसी तरह के विस्फोट में दो मजदूर घायल हुए थे।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे रासायनिक कारखानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।
डीजीपी ने दिए निर्देश
इसी बीच राज्य के नए डीजीपी सी. वी. आनंद ने फायर सर्विस कर्मियों को रासायनिक फैक्ट्रियों में होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई है। उन्होंने पुलिस और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फायर विभाग में पहले से ही आपदा प्रबंधन यूनिट बनाई जा चुकी है और हैदराबाद डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी तथा जीएचएमसी भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।
पहले भी हो चुका बड़ा हादसा
तेलंगाना में पिछले साल भी एक बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ था। 30 जून 2025 को संगारेड्डी जिले के एक केमिकल प्लांट में विस्फोट और आग लगने से 54 मजदूरों की मौत हो गई थी और 28 घायल हुए थे।