पश्चिमी यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। ‘ओमेगा ब्लॉक’ नामक दुर्लभ मौसमीय प्रणाली के कारण कई देशों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।
इस भीषण हीटवेव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। गर्मी से संबंधित घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, स्कूल बंद करने पड़े हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और पोल्ट्री फॉर्मों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
फ्रांस में मंगलवार को लगभग 80 वर्षों में सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। दक्षिण-पश्चिमी शहर पिसोस में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र ब्रिटनी में बिजली कटौती के कारण हजारों घर प्रभावित हुए, जहां बिजली बहाल करने का काम जारी है।
अत्यधिक गर्मी के कारण फ्रांस के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को भी उत्पादन में करीब सात प्रतिशत कटौती करनी पड़ी, क्योंकि शीतलन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था।
16 शहरों में उच्चतम स्तर का हीट अलर्ट जारी
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने फ्लोरेंस, मिलान, रोम, ट्यूरिन और वेरोना समेत 16 शहरों में उच्चतम स्तर का हीट अलर्ट जारी किया है। वहीं ब्रिटेन में जून के इतिहास का सबसे गर्म दिन दर्ज होने की आशंका जताई गई। मौसम विभाग ने इतिहास में दूसरी बार गंभीर गर्मी की चेतावनी जारी की है।
बढ़ते तापमान के चलते सैकड़ों स्कूल बंद रहे या समय से पहले छुट्टी कर दी गई। भीषण गर्मी के कारण कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं।
फ्रांस में गर्मी से राहत पाने के लिए जलाशयों और नदियों में गए 48 लोगों की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा कारों में अत्यधिक तापमान के कारण दो छोटे बच्चों की जान चली गई।
स्पेन में भी हीटस्ट्रोक से दो बुजुर्गों की मौत हुई है, जहां कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
कृषि क्षेत्र पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। फ्रांस के ब्रिटनी और पेज-दे-ला-लोआर क्षेत्रों के पोल्ट्री फार्मों में अत्यधिक गर्मी के कारण लाखों पक्षियों की मौत हो गई।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति वर्ष 2003 की विनाशकारी यूरोपीय हीटवेव जैसी हो सकती है, जिसमें लगभग 80,000 लोगों की अतिरिक्त मौतें हुई थीं।
क्या है ओमेगा ब्लॉक?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस असामान्य गर्मी के पीछे ‘ओमेगा ब्लाक’ मौसम पैटर्न जिम्मेदार है। इसमें उच्च दबाव का क्षेत्र ग्रीक अक्षर ‘ओमेगा’ के आकार का बन जाता है, जो गर्म हवा को लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रोककर रखता है। इससे तापमान सामान्य से 18 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो सकता है।