अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के प्रयास से रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहर ओलेस्की से भूख और बीमारियों के बेजार लोगों का निकलना जारी है।
वहां पर छह दिनों का अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ है। वहां पर राहत सामग्री की आपूर्ति के साथ ही शहर छोड़ने के इच्छुक लोगों को निकाला जा रहा है।
पता चला है कि शहर में बाकी बचे दो हजार लोगों में से ज्यादातर अब वहां पर रहना नहीं चाहते और वे शहर छोड़कर यूक्रेन के स्वतंत्र क्षेत्र में जा रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले बस से क्रीमिया होते हुए रूसी शहर अनापा लाया जा रहा है और वहां से वे विमान से बेलारूस भेजे जा रहे हैं। बेलारूस से ये लोग सड़क मार्ग से यूक्रेन जा रहे हैं।
ओलेस्की छोड़ रहे ज्यादातर लोग बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं हैं। इनमें से ज्यादातर के चेहरे पर खुशी है और तमाम अभावों के बाद अब उनमें जीने की उम्मीद जाग रही है। बेलारूस पहुंचने वाले लोगों के वीडियो देखने से पता चलता है कि कई बीमार बुजुर्ग स्ट्रेचर पर और कई व्हील चेयर पर लाए गए हैं। साथ ही दो पालतू कुत्तों को भी पिंजड़े में बंद करके ओलेस्की से लाया गया है।
इस बीच यूक्रेन ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में स्थित मिसाइल में काम आने वाले ईंधन के बड़े कारखाने पर हमला कर उसे भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। यूक्रेन के अनुसार उसकी सेना ने हवाई हमले में कारखाने की चार उत्पादन इकाइयों को नुकसान पहुंचाया है।
यूक्रेन को 2.1 अरब डॉलर में 500 पैट्रियट मिसाइलें देगा अमेरिका
अमेरिका ने शनिवार को यूक्रेन के लिए 2.1 अरब डॉलर मूल्य की पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की बिक्री वाले सौदे को मंजूरी दे दी। इस सौदे के लिए धनराशि कनाडा, जर्मनी, नार्वे और यूरोपीय संघ के अन्य देश देंगे। इस धनराशि से 500 मिसाइलें यूक्रेन को दी जाएंगी। ये मिसाइलें अमेरिका के पास तैयार स्थिति में नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, इनकी आपूर्ति में चार वर्ष तक का समय लग सकता है। उल्लेखनीय है कि रूस के बैलेस्टिक मिसाइल हमलों से बचने के लिए यूक्रेन को पिछले कई महीनों से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मिसाइलों की जरूरत है लेकिन ईरान युद्ध में फंसा अमेरिका उक्त मिसाइलों की आपूर्ति नहीं कर रहा है।
अमेरिका अब यूक्रेन को हथियारों की मुफ्त आपूर्ति नहीं कर रहा है बल्कि धन लेकर हथियार बेच रहा है। यूक्रेन के लिए यह धन यूरोपीय देश, कनाडा और अन्य सहयोगी देश चुका रहे हैं।