आधुनिक तकनीक जहां जीवन को सुगम बना रही है, वहीं कुछ लोग इसका इस्तेमाल कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए भी कर रहे हैं।
सड़कों पर रफ्तार और रौब दिखाने का शौक रखने वाले एक व्यक्ति ने जो ‘जादुई’ तरीका अपनाया, उसने ट्रैफिक पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
यह मामला किसी हालीवुड फिल्म के सीन जैसा है, जहां एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार का मालिक ट्रैफिक चालान से बचने के लिए महज एक बटन दबाकर अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट को बदल देता था।
लेकिन कहते हैं न कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, और इस बार ये हाथ सीधे उस ‘हाई-टेक’ रिमोट तक जा पहुंचे।
रिमोट से बदलते थे नंबर
रिमोट दबाते ही बदल जाती थी नंबर प्लेट हैदराबाद के पाश इलाके जुबली हिल्स में शनिवार रात को ट्रैफिक पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सघन चे¨कग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बीएमडब्ल्यू को रोका गया तो पुलिसकर्मियों को कुछ संदिग्ध लगा।
जांच में पता चला कि कार में एक अत्याधुनिक रिमोट-कंट्रोल मैकेनिज्म लगा हुआ था। मालिक ने गाड़ी पर दो अलग-अलग नंबर प्लेटें लगा रखी थीं – एक दिल्ली की और दूसरी तेलंगाना की।
बेहद उन्नत ‘फ्लिप नंबर प्लेट’ सिस्टम के जरिये वह कार के अंदर बैठे-बैठे रिमोट का बटन दबाता और चंद सेकंड में दिल्ली की नंबर प्लेट बदलकर तेलंगाना की हो जाती।
कैसे बचते थे शातिर चोर?
यानी अगर पुलिस की नजरों में एक नंबर आता, तो पलक झपकते ही वह दूसरा नंबर बन जाता। इस शातिर चाल के पीछे मकसद सिर्फ एक था – ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाना और शहर में लगे कैमरों और भारी-भरकम ट्रैफिक चालानों से बच निकलना।
पुलिस के मुताबिक, राज्य में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहां नंबर प्लेट बदलने के लिए ऐसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया हो।
नशे की लत और कानून का सख्त शिकंजा पकड़ा गया आरोपित उस वक्त नशे की हालत में था।
पुलिस ने न केवल उस धोखाधड़ी वाले सिस्टम का भंडाफोड़ किया, बल्कि तुरंत कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार को जब्त कर लिया और आरोपित के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
धोखाधड़ी का गंभीर मामला
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक चालान से बचने का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और धोखाधड़ी का एक गंभीर विषय है। साइबराबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर गाड़ी चलाना अब केवल जुर्माना भरने तक सीमित नहीं रहेगा।
यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए किसी जानलेवा दुर्घटना का कारण बनता है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला चलेगा, जिसमें 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रविधान है।