जम्मू-कश्मीर में युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्कास्ट-के) ने जम्मू-कश्मीर सरकार के मिशन युवा और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) जम्मू के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य युवाओं के नेतृत्व वाले नवोन्मेषी उद्यमों को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन और विस्तार में सहायता करना है।
समझौते पर स्कास्ट-के के कुलपति प्रोफेसर नजीर अहमद गनई, मिशन युवा के संयुक्त निदेशक वसीम राजा और आइआइएम जम्मू के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत एसकेआइआइई सेंटर ने दो कंपनियों मैसर्स नूरसा इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स फार्महेल्थ इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ अलग-अलग इनक्यूबेशन समझौते किए हैं।
युवा इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर प्रो. गनई ने कहा कि यह साझेदारी जम्मू-कश्मीर में युवा इनोवेशन को बढ़ावा देगी। वसीम राजा ने कहा कि यह सहयोग जमीनी स्तर के इनोवेटर्स के लिए विश्वस्तरीय तकनीकी बुनियादी ढांचा और विशेषज्ञ मेंटरशिप उपलब्ध कराएगा। एसकेआइआइई के सीईओ नवीन हामिद ने बताया कि यह एमओयू मिशन युवा की अनुदान सहायता और आइआइएम जम्मू की चयन प्रणाली को एक साथ लाता है।
4.25 लाख नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा शुरू किया गया मिशन युवा 1.4 लाख उद्यम और 4.25 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखता है। इस नई व्यवस्था के तहत चयनित स्टार्टअप्स को तकनीकी इनक्यूबेशन और मार्केट लिंकेज सपोर्ट मिलेगा।
हाल ही में ‘इनक्यूबेटर ऑफ द ईयर’ का खिताब जीतने वाला एसकेआइआइई सेंटर 130 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहा है।