कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को चेताया कि “युवाओं की नजरें आप पर हैं”। साथ ही सरकार से पार्टी के शिक्षा सुधार से जुड़े पांच सूत्रीय चार्टर को लागू करने की मांग की। यह चेतावनी तब दी गई है जब पार्टी ने केंद्र से आश्वासन मिलने के बाद 37 दिनों का आंदोलन शनिवार को खत्म किया है।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यह राष्ट्रीय आंदोलन दर्शाता है कि युवा लोग सत्ता में बैठे लोगों से जवाबदेही की मांग करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारी चिंताओं और मांगों का समाधान किया गया है। ये मांगें देशभर के युवाओं की हैं, यही कारण है कि इस आंदोलन को राष्ट्रीय समर्थन मिला। जो भी शिक्षा मंत्री बने, उन्हें यह जानना चाहिए कि युवा लोग देख रहे हैं। वे जवाबदेही की मांग करेंगे।
इसलिए,जब समय आए तो युवाओं के हित में काम करें। पेपर लीक को रोकें और हमारे चार्टर में दिए गए पांच बिंदुओं की सिफारिशों को लागू करें। हम नए शिक्षा मंत्री से बहुत जल्द मिलेंगे।
सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक आयोजित करने का वादा किया है और फिर हम देखेंगे कि क्या होता है।”दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक जीत बताया।
उन्होंने कहा, “यह युवाओं के लिए एक बड़ी जीत है। आज इतिहास लिखा गया है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने आंदोलन के परिणाम को देश में एक नया माहौल बनाने वाला बताया और शांतिपूर्ण जश्न मनाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन में भाग लेने वाले समर्थकों का धन्यवाद करते हुए यह भी कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना बनाई है, जिन पर उन्होंने 20 जुलाई के प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के साथ बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने 20 जुलाई के प्रदर्शनों की घटनाओं की समीक्षा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक बताया और कहा कि यह एक बड़ी जीत है।