पाकिस्तान यूट्यूबर्स पर उनके वीडियो पर आने वाले व्यूज की संख्या के आधार पर कर लगाने जा रहा है।
इस कदम ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विवाद का केंद्र बिंदु कुछ विदेशी पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर्स पर 66 प्रतिशत तक के कर का होना है।
मालदीव इनसाइट की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि यूट्यूब का राजस्व मॉडल प्रति व्यू एक निश्चित दर पर काम नहीं करता है।
क्रिएटर्स आमतौर पर अपने कंटेंट के साथ दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के माध्यम से कमाई करते हैं और भुगतान की गणना कास्ट पर मिले (सीपीएम) जैसे मापदंडों के आधार पर की जाती है, जो प्रति 1,000 व्यूज पर होने वाली कमाई को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘व्यवहार में, सीपीएम दरें बहुत भिन्न होती हैं। कई क्रिएटर्स के लिए, कमाई प्रति 1,000 व्यूज पर एक डॉलर जितनी कम हो सकती है, जबकि प्रीमियम कंटेंट की दरें प्रति 1,000 व्यूज पर 30 डॉलर से अधिक हो सकती हैं।’