‘मतदाता सूची ही नहीं, देश से भी बाहर निकालेंगे घुसपैठियों को’: अमित शाह का आरोप-ऐसे लोगों को Indian National Congress ने दिया संरक्षण…

असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के ठीक पहले केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का एलान किया है।

असम के कामरूप में असम पुलिस की 10वीं बटालियन के मुख्यालय का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने एसआइआर में घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि “हमारी पार्टी की सरकार बनने पर अगले पांच साल में हम घुसपैठियों को सिर्फ मतदाता सूची से नहीं, बल्कि देश से भी बहर निकाल देंगे।”

एसआइआर के खिलाफ विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि देश घुसपैठियों से जरूर मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि असम को शांत प्रदेश बनाने के लिए घुसपैठिया उन्मूलन बहुत जरूरी है। जिस तरह से देश माओवाद मुक्त हो रहा है, उसी तरह से असम समेत पूरा देश घुसपैठिया मुक्त भी होगा।

उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाया

उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि विपक्षी दल ने घुसपैठियों को अनुमति देकर असम की उपजाऊ जमीन को उनके हवाले कर दिया। इससे असमिया समुदाय की पहचान को क्षति हुई और सांस्कृतिक विरासत खतरे में आ गया।

उन्होंने कांग्रेस पर जाति, माटी और भेटी (सांस्कृतिक आधार) तीनों को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के पाप से असम को मुक्त कराने का काम भाजपा की सरकार करेगी।

शाह ने घुसपैठ पर रोक लगाने और घुसपैठियों से जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए पिछले 10 साल में भाजपा सरकार द्वारा किए गए कामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस 174 एकड़ जमीन पर असम पुलिस की 10वीं बटालियन का मुख्यालय बन रहा है, यह भी पहले घुसपैठियों के कब्जे में था, जिसे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुक्त कराया है।

पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री मोदी के 80 बार पूर्वोत्तर दौरे का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है, जबकि विपक्ष ने हमेशा पूर्वोत्तर को भाग्य भरोसे छोड़ दिया। भाजपा की सरकार आने के बाद अगले पांच सालों में असम पूर्वी भारत और पूरे पूर्वोत्तर का इंडस्ट्रियल हब बनने जा रहा है।

गृहमंत्री ने दोहराया – 31 मार्च के पहले देश हो जाएगा माओवादी हिंसा से मुक्त

गुवाहाटी में सीआरपीएफ के 864 स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने एक बार फिर 31 मार्च तक देश के माओवाद मुक्त होने का दावा किया। उन्होंने माओवाद से निपटने के साथ-साथ कश्मीर में आतंकवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद को खत्म कर शांति स्थापित करने में सीआरपीएफ की अहम भूमिका की प्रशंसा की। गुवाहाटी में सीआरपीएफ की स्थापना दिवस को अहम बताते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार पूर्वोत्तर भारत में यह मनाया जा रहा है।

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