ईरान में इंटरनेट की ‘तस्करी’: पाबंदियों के बीच Starlink के जरिए मिल रहा नेटवर्क…

ईरान में जारी इंटरनेट पर प्रतिबंध के बीच अब एक नया और जोखिम भरा अंडरग्राउंड ऑपरेशन शुरू हुआ है।

एक ओर जहां सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट को अवैध घोषित कर कड़ी सजा का प्रावधान किया है, वहीं दूसरी ओर तस्करों का एक गुप्त नेटवर्क जान हथेली पर रखकर स्टारलिंक टर्मिनलों को सीमाओं के पार देश के भीतर उपलब्ध करा रहा है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक गुप्त नेटवर्क ईरान में चुपचाप अपना जाल फैला रहा है, और युद्धग्रस्त देश में वैश्विक इंटरनेट की पहुंच बना रहा है, क्योंकि यह तकनीक अभी भी अवैध है।

इंटरनेट पर रोक

दरअसल, ईरान में जनवरी में हुए व्यापक प्रर्दर्शन के बाद से अधिकारियों ने इंटरनेट पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। कुछ समय के लिए राहत मिलने के बाद फरवरी में इस प्रतिबंध को और सख्त कर दिया गया, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने देश पर हमले किए, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत सैकड़ों लोग मारे गए।

इंटरनेट की तस्करी

अभी भी ईरान में इंटरनेट लगभग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। लंबे समय से जारी प्रतिबंध ने मांग को बढ़ा दिया है। वहीं, इन सबके बीच ईरान में इंटरनेट की तस्करी का मामला सामने आया है। जहां देश में कुछ समूह डिजिटल सेवाओं को चालू रखने के लिए स्टारलिंक उपकरणों की तस्करी कर रहे हैं।

कैसे काम करता है स्टारलिंक डिवाइस?

स्टारलिंक डिवाइस इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध को पूरी तरह से दरकिनार करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है, जिससे उपयोगकर्ता अधिकारियों की कड़ी निगरानी को पूरी तरह से दरकिनार कर सकते हैं। एक समय में कई लोग एक टर्मिनल से जुड़ सकते हैं। सीमाओं के भीतर स्टारलिंक डिवाइस के जरिए इंटरनेट की तस्करी सबसे जटिल ऑपरेशन में से एक है।

2025 में पारित हुआ था कानून

गौरतलब है कि साल 2025 में ईरान ने एक कानून पारित किया जिसके तहत स्टारलिंक उपकरणों का उपयोग, खरीद या बिक्री करना अवैध घोषित कर दिया गया। इसके तहत अधिकतम दो साल की जेल की सजा का प्रावधान है। वहीं, 10 से अधिक उपकरणों का आयात और वितरण करने पर 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

ईरानी मीडिया ने बताया कि पिछले महीने दो विदेशी नागरिकों सहित चार लोगों को सैटेलाइट इंटरनेट उपकरण आयात करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

बीबीसी द्वारा उद्धृत एक अज्ञात डिजिटल अधिकार समूह के अनुसार, स्टारलिंक टर्मिनलों को रखने के आरोप में अनुमानित 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मानवाधिकार संगठन विटनेस का अनुमान है कि जनवरी तक ईरान में कम से कम 50,000 स्टारलिंक डिवाइस मौजूद हैं, और यह संख्या अभी भी बढ़ने की उम्मीद है। पिछले ढाई वर्षों में इस चैनल के माध्यम से लगभग 5,000 स्टारलिंक टर्मिनल बेचे गए हैं।

बीबीसी के अनुसार इस गुप्त नेटवर्क को विदेशों में बसे ईरानियों के साथ-साथ युद्धग्रस्त देश में जरूरतमंदों की मदद करने के इच्छुक अन्य लोगों द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है। इसमें स्टारलिंक टर्मिनलों की खरीद भी शामिल है। इन टर्मिनलों को उन लोगों को भेजा जाता है जिनके बारे में उनका मानना है कि वे वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी साझा करेंगे।

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