पेपर लीक जैसी घटनाओं से बचने के लिए हाईपावर कमेटी ने भले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को निजी एजेंसियां पर से निर्भरता को खत्म करने और अपना खुद का एक टेस्ट प्लेटफॉर्म खड़ा करने का सुझाव दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह निजी एजेंसियों का मोह नहीं छोड़ पा रही है।
समिति ने यह सुझाव तब दिया था, जब 2024 में नीट-यूजी पेपर लीक की घटना के बाद यह सामने आया था कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया ही निजी एजेंसियों के भरोसे संचालित हो रही है।
इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अगुवाई में गठित हाईपावर कमेटी ने इस दौरान एनटीए को परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए दो तरह के सुझाव दिए थे, इनमें अधिकांश तात्कालिक थे, जिन्हें तुंरत अमल में लाना था, वहीं कुछ बड़े और दीर्षकालिक थे। जिनके अमल में समय लग सकता था।
इन्हीं सुझाव में से समिति ने एनटीए को अपना खुद का परीक्षा प्लेटफॉर्म और ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया था। जिसमें निजी एजेंसियों पर से निर्भरता को पूरी तरह से खत्म करने हुए अपना खुद व अपने द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर व स्पेशल हार्डवेयर भी बनवाने को कहा था।
इतना ही नहीं, समिति ने इसे पायलट टेस्टिंग के बाद ही अपनाने का सुझाव दिया था। खासबात यह है कि समिति यह एनटीए और शिक्षा मंत्रालय को यह सुझाव अक्टूबर 2024 में दिए थे लेकिन इसके बाद भी एनटीए ने निजी एजेसियों से निर्भरता खत्म नहीं की। सूत्रों की मानें तो जब तब एनटीए निजी एजेंसियों पर से अपनी निर्भरता को खत्म नहीं करता है, तब तक परीक्षाओं में गड़बड़ी की संभावना बनी रहेगी।
नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा पर प्रधान ने राज्यों से मांगा सहयोग
नीट-यूजी की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-राज्यपालों व प्रशासकों को पत्र लिखकर परीक्षा के सफल संचालन के लिए सहयोग मांगा है। साथ ही भीषण गर्मी व लू की स्थिति को देखते परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।
प्रधान ने राज्यों को लिखे पत्र में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित पेयजल, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, चालू हालत में पंखे, कूलर, साफ शौचालय, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, निर्बाध विद्युत आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए कहा है।
वहीं छात्रों के हितों को देखते हुए उन्होंने सभी राज्य सरकारों से यह भी आग्रह किया कि परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।