नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ताजा डेटा के अनुसार, 2024 में सीनियर सिटिजन्स (60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों) के खिलाफ अपराधों के कम से कम 32,602 मामले दर्ज किए गए। यह साल 2023 (27,886 मामले) के मुकाबले 16.9% ज्यादा है।
कुल मिलाकर, 2024 में हत्या के 27,049 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 27,721 मामले दर्ज हुए थे। इसमें निजी दुश्मनी और विवाद को लेकर की गई हत्या मुख्य कारण बता गए थे, इसके अलावा फायदे के लिए भी हत्याएं हुईं।
2024 के दौरान, अपहरण और अगवा करने के 96,079 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 (1.13 लाख मामले) के मुकाबले 15.4% की कमी को दिखाता है।
शहरों में हत्या के कुल 1987 मामले दर्ज हुए
कुल अपराधों में से, 35.4 लाख मामले इंडियन पीनल कोड (IPC) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किए गए। जिसे 2024 में लागू किया गया था और 23.4 लाख मामले विशेष और स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज किए गए। इसके साथ ही NCRB ने 19 महानगरों के अपराधों का तुलनात्मक डेटा भी जारी किया है। इसमें बताया गया कि, 2024 में 8.4 लाख संज्ञेय अपराध हुए, जो 2023 (9.4 लाख मामले) के मुकाबले 10.9% की गिरावट है।
2024 के दौरान इन शहरों में हत्या के कुल 1,987 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 (2,004 मामले) के मुकाबले 0.8% की कमी दिखाता है। डेटा यह भी दिखाता है कि, 2024 के दौरान 54.6 करोड़ रुपये की कीमत वाले 8.21 लाख नकली भारतीय करेंसी नोट जब्त किए गए।
कानून लागू करने के मामले में, अधिकारियों ने 3.62 लाख किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए, जिसमें RDX और TNT शामिल थे; इसकी तुलना में 2023 में 10 लाख किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए गए थे।
डेटा दिखाता है कि अनुसूचित जातियों (SC) के खिलाफ अपराधों के 55,698 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 (57,789 मामले) के मुकाबले 3.6% की कमी दिखाता है।
अनुसूचित जनजातियों (ST) के खिलाफ अपराधों के 9,966 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 (12,960 मामले) की तुलना में 23.1% की कमी दर्शाता है। 63,564 मामलों के साथ, 2024 में Arms Act के मामलों में गिरावट देखी गई, जबकि 2023 में ऐसे 73,388 मामले थे।