महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के आरोप में राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे को गुरुवार को पुणे में गिरफ्तार कर लिया गया।
लवांडे ने अदालत से 20 मई तक अंतरिम सुरक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई सुबूत न होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
लवांडे के खिलाफ वारकरी संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं को निशाना बनाने को लेकर पुणे के वाघोली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
लवांडे ने संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं और सदस्यों को घुसपैठिया बताया था। इसके बाद समुदाय के एक वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा बुधवार को समाप्त होने के बाद लवांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नौ मई को पुणे जिले के म्हाटोबाची आलंदी में कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उनके अनुयायियों ने लावंडे की टिप्पणियों को लेकर उन पर काली स्याही फेंकी थी।
‘वारकरी’ शब्द पंढरपुर के भगवान विट्ठल के भक्तों के लिए प्रयोग किया जाता है, जो प्रतिवर्ष पैदल चलकर मंदिर पहुंचते हैं। यह परंपरा कई सदियों पुरानी है।