इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं में भारतीय नौसेना के मार्चिंग दल को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी चुना गया है। गणेशोत्सव को दर्शाने वाली झांकी के लिए महाराष्ट्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शीर्ष पुरस्कार जीता।
मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल पुरानी विरासत का जश्न मनाने वाली झांकी विजेता बनी। पुरस्कार वितरण समारोह 30 जनवरी को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित किया जाएगा।
नौसेना के मार्चिंग दल में 144 जवान शामिल थे, जिन्होंने ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर कंधे से कंधा मिलाकर मार्च किया। यह नौसेना की प्रगतिशील और सशक्त समुद्री शक्ति का प्रतीक है।
अधिकारियों ने बताया कि नौसेना के मार्चिंग दल ने तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का पुरस्कार जीता। दिल्ली पुलिस के दल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल घोषित किया गया।
राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी श्रेणी में जम्मू-कश्मीर ने दूसरा पुरस्कार जीता, जबकि केरल तीसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र की झांकी में आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
इसमें गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिला नर्तकियों के एक समूह ने झांकी के दोनों ओर लोक नृत्य ‘लेजिम’ प्रस्तुत किया।
मायगाव इंडिया पोर्टल पर आयोजित आनलाइन सर्वेक्षण के आधार पर ‘लोकप्रिय पसंद’ श्रेणी में नागरिकों ने तीनों सेनाओं में से असम रेजिमेंट को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी चुना। सीआरपीएफ ने सीएपीएफ और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का पुरस्कार जीता।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोकप्रिय पसंद श्रेणी में गुजरात ने ‘स्वदेशी-आत्मनिर्भरता-स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम’ विषय पर आधारित झांकी के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया।
इसके बाद उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति) और राजस्थान (रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श : बीकानेर स्वर्ण कला) का स्थान रहा।