राजस्थान के सलूंबर जिले में एक रहस्यमयी बीमारी से पिछले दो सप्ताह में 11 बच्चों की मौत हो चुकी है।
मृतकों की उम्र दो से छह साल के बीच में है। बच्चों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण देखे गए हैं।
हालात को देखते हुए आदिवासी बहुल जिले में चिकित्सा विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है।
सलूंबर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने कहा कि जांच के बावजूद बच्चों की मौत के कारणों की सही जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
बता दें कि सलूंबर जिले के कुंडा गांव में दो चचेरी बहनों की उल्टी की शिकायत के बाद मौत हो गई। घाटा, लसाड़िया, कुंडा और घाटीफला गांव में एक-एक बच्चे की मौत हुई है। झल्लारा गांव में दो बच्चों की मौत हुई है।
राज्य की प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। राठौड़ ने खाद्य पदार्थों एवं पानी की जांच के निर्देश दिए हैं।
आदिवासियों के बीच पहुंचे जूलीराज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने शनिवार को लसाडि़या पहुंचकर गांव में मृतकों के स्वजन से मुलाकात की।
इस दौरान जूली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को वोटों की चिंता है लेकिन जनता की चिंता नहीं है। मृतकों के स्वजन को अब तक कोई मदद नहीं मिली है। अगर समय पर उपचार होता तो बच्चे बच सकते थे।