प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत 18 लाख से ज्यादा महिलाओं समेत लगभग 60 लाख पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को फायदा हुआ है।
यह योजना केंद्र की रोजगार लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआइ) स्कीम है जो 1 अगस्त, 2025 से चालू है। इस स्कीम के फ़ायदे 31 जुलाई, 2027 तक लागू रहेंगे।
इस योजना को श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफओ के जरिये लागू किया था। 99,446 करोड़ रुपये के खर्च के साथ इस योजना का मकसद दो साल में देश में 3.5 करोड़ से ज़्यादा नौकरियों के सृजन को बढ़ावा देना है।
ईपीएफओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो योजना शुरू होने के बाद से 60 लाख पहली बार नौकरी करने वाले लोग इससे जुड़े। प्रत्येक 10 में से सात लाभार्थी 18-30 आयु वर्ग के हैं और 18 लाख से ज्यादा महिलाएं औपचारिक नौकरी में आ रही हैं।
18-30 साल के समूह में लगभग 43.26 लाख कामगार हैं, जो सभी पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों का लगभग 71 प्रतिशत है।
पहली बार नौकरी पाने वाले ये कर्मचारी छह महीने की सेवा के बाद योजना के तहत 7,500 रुपये तक की पहली किस्त के लिए पात्र हो जाएंगे।