G-7 के मंच पर मोदी-ट्रंप की मुलाकात संभव, भारत-अमेरिका सहयोग को मिल सकता है नया आयाम…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच अगले हफ्ते फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन (15-17 जून) के दौरान द्विपक्षीय मुलाकात की मजबूत संभावना है।

दोनो देशों के अधिकारियों के बीच विमर्श जारी है हालांकि अभी मुलाकात की तिथि को अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन बताया गया है कि अमेरिकी पक्ष इस मुलाकात को हर हालत में संभव बनाने की कोशिश में है।

2025 के बाद दोनों नेताओं का पहली मुलाकात

सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात 16 या 17 जून को हो सकती है। यह फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। जी-7 बैठक के लिए पीएम मोदी फ्रांस की यात्रा पर जा रहे हैं जहां उनकी जापान, फ्रांस और कनाडा के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात होने की पूरी संभावना है।

फरवरी 2025 से अब तक भारत-अमेरिका संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। ट्रंप प्रशासन के कई कदम भारत को काफी नागवार गुजरे हैं। इसमें राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से भारत के खिलाफ दिए गये बयान भी हैं। कभी उन्होंने भारत की इकॉनोमी को बयानबाजी की तो कभी रूस से तेल खरीदने पर 50 फीसद तक का टैक्स लगाया और भारत के इनकार करने के बावजूद यह दावा करते रहे कि ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने ही रूकवाया है।

इस दौरान दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनने से स्थिति संभली। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 18 फीसद तक घटा दिए, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने और कुछ क्षेत्रों में बाजार पहुंच सुधारने का वादा किया।

ट्रंप ने भारत को 500 बिलियन डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने का लक्ष्य बताया, हालांकि भारतीय पक्ष ने इसे अभी तक आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता पर बातचीत हो रही है और इस पर दोनों तरफ से अलग-अलग बयानबाजी भी हो रही है।

सूत्रों का कहना है कि संभावित मुलाकात में कारोबारी समझौते पर बात होगी लेकिन वह केंद्र में नहीं होगा। हां, पीएम मोदी की तरफ से अमेरिकी सरकार की वीजा नीति का मुद्दा जरूर उठाया जा सकता है जिसकी वजह से भारत के आईटी उद्योग पर काफी उल्टा असर पड़ने की संभावना है।

हिंद प्रशांत, क्वाड व रक्षा क्षेत्र में सहयोग अन्य प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। पिछले दिनों अमेरिका के विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आये थे, तब दोनों देशों ने संबंधों में तनाव को काफी हद तक खत्म किया है। दोनों देश रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन की बढ़ती भूमिका और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बनाए हुए हैं।

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