लिविंग रूम से बेडरूम तक: स्मार्ट ग्लास यूजर्स की निजी रिकॉर्डिंग पर घिरी मेटा, केन्या की कंपनी से तोड़ा करार…

टेक दिग्गज मेटा ने केन्या में काम करने वाली अपनी आउटसोर्सिंग पार्टनर कंपनी समा के साथ कान्ट्रैक्ट तोड़ दिया है।

जिसके बाद एआई को ट्रेन करने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद करने के बाद फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा विवादों में घीर गई है।

इस बड़े फैसले के कारण करीब 1,108 कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है।

यह पूरा विवाद तब बाहर आया जब समा के कुछ कर्मचारियों ने काम के दौरान मेटा के स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड किए गए यूजर्स के बेहद निजी और आपत्तिजनक वीडियो देखने के लिए मजबूर किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

इस विवाद की शुरुआत इस साल फरवरी में हुई जब स्वीडन के दो प्रमुख अखबारों ने एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट छापी। इस रिपोर्ट में समा के डेटा एनोटेटर्स के हवाले से बताया गया कि उन्हें यूजर्स की निजता का हनन करने वाले वीडियो देखने पड़ते थे।

कर्मचारियों का काम मेटा के एआई को बेहतर बनाने के लिए तस्वीरों और वीडियो को मैन्युअली लेबल करना था। लेकिन इस प्रक्रिया में उन्हें लोगों को टॉयलेट का इस्तेमाल करते हुए, शारीरिक संबंध बनाते हुए और यहां तक कि बेडरूम में कपड़े बदलते हुए देखा। एक कर्मचारी ने बताया कि कैमरे में लिविंग रूम से लेकर नग्न शरीर तक सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा था।

मेटा और समा में तकरार

मेटा का कहना है कि उन्होंने यह कॉन्ट्रैक्ट इसलिए रद किया क्योंकि समा उनके तय मानकों पर खरी नहीं उतर पाई। मेटा ने कहा कि एआई प्रोडक्ट के प्रदर्शन को सुधारने के लिए इंसानों द्वारा कंटेंट की समीक्षा की जाती है, और इसके लिए यूजर्स से स्पष्ट रूप से सहमति ली जाती है। आरोपों के बाद मेटा ने समा के साथ काम रोक दिया था।

अमेरिका स्थित आउटसोर्सिंग कंपनी समा ने मेटा के दावों को सिरे से खारिज किया है। समा का कहना है कि उसने हमेशा अपने क्लाइंट्स के साथ सुरक्षा, गुणवत्ता और संचालन के मानकों का कड़ाई से पालन किया है और मेटा ने उन्हें कभी किसी कमी के बारे में सूचित नहीं किया था।

‘सच बोलने की मिली सजा’: कर्मचारी यूनियन का आरोप

केन्या के ट्रेड यूनियनों ने इस छंटनी के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए हैं। अफ्रीका टेक वर्कर्स मूवमेंट के नफ्ताली वाम्बालो का दावा है कि मेटा ने कॉन्ट्रैक्ट इसलिए रद किया क्योंकि वह इस बात को छिपाना चाहती थी कि स्मार्ट ग्लासेस की रिकॉर्डिंग तक इंसानों की भी पहुंच है।

उनका मानना है कि मेटा जिन मानकों के उल्लंघन की बात कर रही है, वे असल में गोपनीयता के मानक हैं, जिन्हें कर्मचारियों ने मीडिया के सामने उजागर कर दिया था।

स्मार्ट ग्लासेस की निजता पर सवाल

मेटा ने सितंबर में रे-बैन और ओकली के साथ मिलकर ये एआई आधारित स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च किए थे। हालांकि रिकॉर्डिंग के समय इनमें एक छोटी लाइट जलती है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

रिपोर्ट के बाद दुनिया भर की नियामक संस्थाएं हरकत में आ गई हैं। ब्रिटेन के इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स ऑफिस ने इन रिपोर्ट्स को बेहद चिंताजनक करार देते हुए मेटा से जवाब मांगा है। केन्या के डेटा प्रोटेक्शन कमिश्नर ने भी निजता के उल्लंघन की इन गंभीर चिंताओं पर आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।

मेटा का समा के साथ रहा विवादित इतिहास

यह पहला मौका नहीं है जब समा और मेटा के बीच का काम विवादों में घिरा हो। खुद को एक एथिकल बी-कॉर्प कहने वाली समा पहले फेसबुक के लिए कंटेंट मॉडरेशन का काम करती थी।

उस दौरान भी पूर्व कर्मचारियों ने कानूनी मुकदमा दायर कर आरोप लगाया था कि उन्हें भारी मात्रा में हिंसक और मानसिक रूप से विचलित करने वाला कंटेंट देखना पड़ता था। उस समय समा ने माना था कि उसे वह काम लेने का अफसोस है।

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