जब पायलट या को-पायलट ही बने हाइजैकर: विमानन इतिहास में सामने आ चुके हैं ऐसे कई चौंकाने वाले मामले…

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट द्वारा कैप्टन पर जानलेवा हमला किए जाने के बाद विमान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक पुराना सवाल फिर चर्चा में है, क्या कभी विमान का चालकदल ही हाइजैकिंग या जानबूझकर विमान गिराने का कारण बन सकता है?

दुनिया में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पायलट या सह-पायलट की हरकतों के कारण विमान को खतरा हुआ या हादसा हुआ।

22 अक्टूबर, 2023 : अलास्का एयरलाइंस के पायलट ने बीच हवा में वाशिंगटन से सैन फ्रांसिस्को जा रहे होराइजन एयर के विमान के इंजन बंद करने का प्रयास किया था। उन्हें काबू कर लिया गया और विमान को पोर्टलैंड उतारा गया। विमान में 80 लोग सवार थे।


21 मार्च, 2022 : कुनमिंग से ग्वांगझू जा रहा चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का विमान पहाड़ से टकरा गया। हादसे में सभी 132 लोगों की मौत हुई। चीन की जांच जारी रही, जबकि अमेरिकी जांचकर्ताओं ने जारी आंकड़ों के आधार पर विमान को जानबूझकर नीचे गिराए जाने और काकपिट में संघर्ष की आवाजें रिकार्ड होने की बात कही।

24 मार्च, 2015 : बार्सिलोना से डसेलडोर्फ जा रहे जर्मनविंग्स के विमान में को-पायलट ने कैप्टन को काकपिट में प्रवेश नहीं करने दिया और विमान को फ्रेंच आल्प्स में गिरा दिया। हादसे में सभी 150 लोगों की मौत हुई।


17 फरवरी, 2014 : अदीस अबाबा से मिलान जा रहे विमान के को-पायलट ने विमान को जिनेवा की ओर मोड़ दिया और बाद में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर राजनीतिक शरण मांगी। विमान में सवार 193 लोगों में से किसी को नुकसान नहीं हुआ।


29 नवंबर, 2013 : मोजांबिक से अंगोला जा रहे विमान के पायलट ने को-पायलट के काकपिट से बाहर जाने के बाद दरवाजा बंद कर लिया और विमान को नामीबिया के क्रैश करा दिया। सभी 33 लोगों की मौत हुई।


31 अक्टूबर, 1999 : लॉस एंजिल्स से काहिरा जा रही उड़ान अटलांटिक महासागर में गिर गई। उसमें सवार सभी 217 लोगों की मौत हुई। अमेरिकी जांचकर्ताओं ने को-पायलट को विमान गिराने के लिए जिम्मेदार माना, जबकि मिस्र ने यांत्रिक खराबी को कारण बताया।


19 दिसंबर, 1997 : जकार्ता से सिंगापुर जा रहा सिल्कएयर विमान इंडोनेशिया के पालेमबंग में गिर गया। हादसे में 104 लोगों की मौत हुई। जांच में पायलट के आर्थिक संकट और उस पर हुई कार्रवाई समेत कई परिस्थितियों की जांच की गई।


21 अगस्त, 1994 : मोरक्को से कैसाब्लांका जा रहे विमान के पायलट ने कथित तौर पर ऑटोपायलट बंद कर दिया। विमान एटलस पर्वत में गिर गया और सभी 44 लोगों की मौत हो गई।


7 अप्रैल, 1994 : टेनेसी से कैलिफोर्निया जा रहे फेडएक्स के कार्गो विमान को फ्लाइट इंजीनियर ने हथौड़े और स्पीयर गन से चालक दल पर हमला कर हाइजैक करने की कोशिश की। चालक दल ने उसे काबू कर विमान सुरक्षित उतार लिया।


5 फरवरी, 1982 : फुकुओका से टोक्यो जा रहा विमान टोक्यो खाड़ी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 174 लोगों में से 24 की मौत हुई। जांच में पायलट के मानसिक स्वास्थ्य और काकपिट में हुए विवाद समेत कई परिस्थितियों को हादसे से जोड़ा गया।

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