श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती संख्या औपचारिक रोजगार में शामिल हो रही है और आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा कि देश में दिन-प्रतिदिन रोजगार बढ़ रहा है और बेरोजगारी कम हो रही है। किसी भी अर्थव्यवस्था के विकास से रोजगार सृजन होता है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति में वृद्धि हुई है, जिसके लिए विनिर्माण की आवश्यकता है और यहीं से रोजगार सृजित हो रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि स्वरोजगार भी 2017-18 में 52 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा कि श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, आकस्मिक श्रमिकों की औसत आय वित्त वर्ष 2018 में 255 रुपये से बढ़कर वर्तमान में 418 रुपये हो गई है।
इसके अलावा, आकस्मिक श्रमिक औपचारिक रोजगार की ओर भी रुख कर रहे हैं। मांडविया ने कहा कि देश में नियमित वेतन पाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है।
दिहाड़ी मजदूर औपचारिक कार्यबल में शामिल हो रहे हैं और दिहाड़ी मजदूरों की संख्या 2017-18 में 24 प्रतिशत से घटकर 19 प्रतिशत हो गई है। यह उच्च आर्थिक विकास का परिणाम है।