नौसेना जासूसी मामले में बड़ी सफलता: मुख्य आरोपी कादरी श्रीनिवास को सऊदी अरब से भारत लाया गया…

विशाखापत्तनम स्थित नौसेना के नेवल डॉकयार्ड से जुड़ी गोपनीय रक्षा जानकारी की जासूसी मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामिबायी मिली है।

इसके तहत आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान के तहत, इस जासूसी रैकेट के मुख्य आरोपी कादरी श्रीनिवास को सऊदी अरब से भारत वापस सुरक्षित ले आया गया है।

जानकारी के अनुसार जांचकर्ताओं को पता चला था कि आरोपी श्रीनिवास देश से बाहर सऊदी अरब है, जिसके बाद उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। इसके बाद जैसे ही वह 11 अक्टूबर को सऊदी अरब से लौट रहा था, उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रोक कर लिया गया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पहले समझिए क्या है पूरा मामला

बता दें कि यह पूरा मामला पिछले साल 12 अक्टूबर 2025 को विशाखापत्तनम के माल्कापुरम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि श्रीनिवास और एक अन्य आरोपी पोंगु रवि, नेवल डॉकयार्ड में टीडी इंजीनियरिंग कंपनी के लिए काम करते थे।

इसके अलावा साल 2023 में फेसबुक के जरिए पोंगु रवि की पहचान एंजेल पायल नाम के एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर रही एक अज्ञात महिला से हुई थी। उस महिला ने खुद को दुबई की एक शिपिंग कंपनी का कर्मचारी बताया था जो दुनिया भर के जहाजों और क्रू के लिए लॉजिस्टिक्स संभालती है। आरोप है कि उस महिला ने पैसों का लालच देकर रवि को डॉकयार्ड में खड़े जहाजों और पनडुब्बियों की जानकारी साझा करने के लिए उकसाया।

पैसों के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़

जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि और श्रीनिवास ने मिलकर इस संवेदनशील रक्षा ठिकाने पर मौजूद जहाजों और पनडुब्बियों की संख्या व अन्य गुप्त विवरण उस महिला को दिए। महिला द्वारा रवि के बैंक खाते में भारी रकम भेजी जाती थी, जिसके बाद रवि उसमें से श्रीनिवास का हिस्सा उसे ट्रांसफर कर देता था।

इस मामले में पुलिस पहले ही पोंगु रवि को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है और अब तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। हालांकि, उस महिला की असली पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है, जिसकी तलाश जारी है।

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