सोमवार सुबह कैलिफोर्निया स्थित अमेरिकी वायुसेना बेस पर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई।
अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 11:20 बजे एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर विमान के क्रैश होने के बाद आपातकालीन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं।
फिलहाल इस बात की कोई तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस हादसे में कोई घायल हुआ है या नहीं। आमतौर पर एक B-52 विमान का संचालन पांच लोगों के क्रू द्वारा किया जाता है।
बेस ने सोशल मीडिया पर बताया कि एयरफील्ड को बंद कर दिया गया है और आने वाले सभी विमानों का रास्ता बदला जा रहा है। अगले आदेश तक सभी नॉन-कमर्शियल विजिटर पास सस्पेंड कर दिए गए हैं, ताकि बेस पूरी तरह से इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन पर ध्यान दे सके।
बेस के एक प्रवक्ता ने और जानकारी देने से इनकार कर दिया। हवाई फुटेज में ज़मीन पर एक बड़ा जला हुआ हिस्सा दिखाई दिया। ऐसा लग रहा था कि विमान का बहुत कम हिस्सा बचा है; एक ब्रॉडकास्ट हेलीकॉप्टर में मौजूद पत्रकार ने बताया कि क्रैश के बाद काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया था। जले हुए बड़े हिस्से के पास कई इमरजेंसी गाड़ियां देखी जा सकती थीं।
एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस का ऐतिहासिक महत्व
एडवर्ड्स एक विशाल रेगिस्तानी सैन्य बेस है, जो लॉस एंजिल्स से लगभग 161 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। यह बेस अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह वही स्थान है जहां 1947 में चक यीगर ने पहली बार ध्वनि की गति को तोड़ने का रिकॉर्ड बनाया था।
B-52 एक भारी बॉम्बर विमान है जिसने पहली बार 1954 में उड़ान भरी थी और इसे मूल रूप से सोवियत संघ के साथ युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया था। कोल्ड वॉर खत्म होने के बाद भी इसे दशकों तक सेवा में बनाए रखने के लिए लगातार अपग्रेड किया गया है।
इस विशाल बॉम्बर विमान में बम और क्रूज़ मिसाइल समेत कई तरह के हथियार ले जाए जा सकते हैं। इसके पंखों का फैलाव 185 फीट (56 मीटर) और लंबाई 159 फीट (48 मीटर) है।
US एयर फ़ोर्स की फैक्ट शीट के अनुसार, इस विमान में आमतौर पर पांच लोगों का क्रू होता है: एक एयरक्राफ्ट कमांडर, एक पायलट, एक रडार नेविगेटर, एक नेविगेटर और एक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ऑफिसर।
8,800 मील तक की कॉम्बैट रेंज वाला यह विमान परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। अमेरिका ने इस विमान को वियतनाम, खाड़ी क्षेत्र, इराक, अफगानिस्तान और हाल ही में ईरान में हुए संघर्षों में तैनात किया है।