
सैन्य संपत्तियों पर बड़े हमले का दावा किया है।
हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के अनुसार, एक सऊदी मिलिट्री लैंडिंग शिप और चार एस्कॉर्ट नौकाओं को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
याह्या सारी ने इस हमले को सीधा और सटीक बताते हुए दावा किया कि लैंडिंग शिप में भीषण आग लग गई, जबकि कुछ एस्कॉर्ट नौकाएं समुद्र में डूब गईं और अन्य क्षतिग्रस्त हुईं।
सैन्य शिविर पर ड्रोन हमले का दावा
इसके साथ ही, एक अन्य बयान में हूथी समूह ने यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत स्थित साहन अल-जिन सैन्य शिविर पर ड्रोन हमले का दावा भी किया। समूह का कहना है कि उन्होंने वहां सऊदी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के डिपो को निशाना बनाया, जिससे डिपो में आग लग गई।
तनाव का केंद्र बना बंदरगाह
यह नया घटनाक्रम यमन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकारी क्षेत्रों और उसके समर्थक देश सऊदी अरब से जुड़े ठिकानों पर बढ़ते हमलों का हिस्सा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास स्थित मोचा बंदरगाह तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।
हूतियों के हमलों से बुनियादी ढांचे को नुकसान
गौरतलब है कि 9 अगस्त से मोचा और आसपास के इलाकों में हूथी हमलों में लगातार तेजी आई है, जिससे बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और समुद्री जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हूथी समूह ने चेतावनी दी है कि वे सऊदी सैन्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और जमीनी व समुद्री सीमाओं पर हमलों का यह सिलसिला जारी रखेंगे।