बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे की अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी मुहिम में 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा हिंसक विरोध किया गया, जिसमें पुलिस पर पथराव हुआ और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मंगलवार को करीब 150 लोगों की भीड़ ने पुलिस और डिमोलिशन टीम पर पत्थर फेंके तथा सीमेंट के ब्लॉक फेंककर बुलडोजर रोकने की कोशिश की। पुलिस को स्थिति काबू में लाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने बांद्रा कोर्ट में कहा कि यह हिंसा कोई सहज विरोध नहीं, बल्कि पूर्व-नियोजित साजिश थी। उन्होंने आरोपियों पर गंभीर धाराएं (जिसमें सेक्शन 109 – हत्या का प्रयास भी शामिल) लगाई हैं और कस्टोडियल पूछताछ की मांग की है।
रेलवे का लक्ष्य
- इस ड्राइव में बांद्रा स्टेशन के पूर्वी तरफ स्थित करीब 500 अवैध संरचनाएं हटाई जा रही हैं।
- अब तक लगभग 5,000 वर्ग मीटर जमीन रेलवे ने कब्जे में ले ली है।
- यह जमीन 5वीं और 6वीं रेल लाइन के विस्तार तथा बांद्रा टर्मिनस के विकास के लिए जरूरी है।
कोर्ट में विवाद
प्रतिवादियों के वकील ने दावा किया कि एक स्थानीय मस्जिद को बिना उचित दस्तावेज के गिराया गया। उन्होंने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के मूल आदेश में धार्मिक स्थलों का जिक्र नहीं था। वहीं, प्रभावित परिवारों ने ईद (27 मई) से ठीक पहले डिमोलिशन किए जाने पर नाराजगी जताई है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर पश्चिम रेलवे इस अभियान को चला रहा है। रेलवे का कहना है कि पात्र परिवारों को पहले ही पुनर्वास की सुविधा दी जा चुकी है। कार्रवाई 23 मई तक जारी रहने की संभावना है।