फिलीपींस में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया, एक निर्माणाधीन नौ मंजिला होटल ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सोमवार सुबह मलबे के विशाल ढेर से दो और मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिसके बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अब भी 17 लोग लापता हैं, जिन्हें बचाने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पम्पांगा प्रांत के एंजेल्स सिटी में आलीशान होटल बन रहा था, वहां अब केवल कंक्रीट के स्लैब, मुड़े हुए लोहे के सरिये और एल्युमिनियम के मलबे का ढेर बचा है। सोमवार तड़के सैकड़ों बचावकर्मियों, दमकलकर्मियों और पुलिस ने मलबे के नीचे दबे दो मजदूरों को बाहर निकालने के लिए घंटों कड़ी मशक्कत की।
आईवी के जरिए दवाइयां देने की कोशिश
क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल जेस मेंडेज ने बताया कि मलबे में फंसे एक मजदूर को भीषण गर्मी में जीवित रखने के लिए बचावकर्मियों ने मलबे के अंदर ही उसे पानी और आईवी के जरिए दवाइयां देने की पूरी कोशिश की। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
मलबे से बाहर निकाले गए दोनों मजदूरों में से एक की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि दूसरे को एम्बुलेंस में बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं।
मलेशियाई पर्यटक की भी मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाला तीसरा शख्स एक मलेशियाई पर्यटक था। होटल की इमारत जब गिरी, तो उसका मलबा पास में ही स्थित एक बजट इन पर जा गिरा।
मलबे की चपेट में आने से उस बजट होटल में ठहरा मलेशियाई पर्यटक अंदर ही फंस गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि, वहां मौजूद एक अन्य मेहमान घायल होने के बावजूद किसी तरह बाहर भागने में सफल रहा।
उम्मीद है कि लोग जिंदा मिलेंगे: मेयर
भीषण तूफान और बिजली कड़कने के बाद रविवार तड़के यह निर्माणाधीन इमारत तेज आवाज के साथ जमींदोज हो गई थी। हादसे के एक दिन बाद भी एंजेल्स सिटी के मेयर कार्मेलो लाज़ाटिन ने कहा कि बचाव कार्य को अभी केवल शव निकालने के ऑपरेशन में नहीं बदला जाएगा।
उन्होंने कहा, “मेरी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि हम और अधिक लोगों को जिंदा बचा सकें। हम फंसे हुए मजदूरों के परिवारों को कोई बुरी खबर नहीं देना चाहते।”
अपनों की तलाश में रोते-बिलखते परिजन
मलबे के पास बने शेड में फंसे हुए मजदूरों के रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका धैर्य अब जवाब दे रहा है। एक सार्डिन फैक्ट्री में काम करने वाली 47 वर्षीय लीआ मेंडोजा कासिलाओ ने रोते हुए कहा, “धीमी गति से चल रहे बचाव कार्य को देखकर मैं अपनी उम्मीद खो रही हूं।”
लीआ के बॉयफ्रेंड इस साइट पर राजमिस्त्री थे और वह भी मलबे में दबे हैं। लीआ वीकेंड पर उनसे मिलने के लिए एक हफ्ते का राशन लेकर आई थीं, लेकिन मुलाकात से पहले ही यह हादसा हो गया।
मेयर लाजाटिन ने बताया कि बचावकर्मी बेहद सावधानी से काम कर रहे हैं क्योंकि कंक्रीट के भारी-भरकम स्लैब एल्युमिनियम के मलबे पर बेहद खतरनाक तरीके से टिके हुए हैं। जरा सी चूक से वे बचावकर्मियों पर भी गिर सकते हैं।
26 लोग सुरक्षित बाहर निकले
हादसे के वक्त इमारत की जमीनी मंजिल पर कई मजदूर प्लाईवुड के टुकड़ों पर सो रहे थे। इनमें से 26 मजदूर या तो समय रहते बाहर भागने में सफल रहे या उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। लापता 17 मजदूरों में से एक की लोकेशन का पता चल गया है, लेकिन उसे मलबे से बाहर निकालना अभी बाकी है।
राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख जनरल जोस मेलेंशियो नारताएज जूनियर ने कहा कि पुलिस बल इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह हादसा किस वजह से हुआ और क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा और बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन किया गया था।
अमेरिकी बेस का इतिहास
एंजेल्स सिटी का एक बड़ा कमर्शियल इतिहास रहा है। यह शहर कभी अमेरिकी मुख्य भूमि के बाहर अमेरिकी वायु सेना के सबसे बड़े बेस की मेजबानी करता था। इसी वजह से एंजेल्स सिटी और उसके आसपास के इलाके फिलीपींस के मुख्य उत्तरी क्षेत्र लुजोन में मनोरंजन और व्यापारिक केंद्र बन गए।
मनीला से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित यह क्लार्क एयर बेस 1990 के दशक की शुरुआत में बंद हो गया था। अब यह पूर्व अमेरिकी बेस एक व्यस्त औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र बन चुका है, जिसे क्लार्क फ्रीपोर्ट जोन कहा जाता है। हालांकि, आज भी इस इलाके के आसपास अमेरिकी बेस के जमाने के पब, नाइटक्लब, टैटू शॉप और बजट होटलों की भरमार है।