मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान संघर्ष को समाप्त करने के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है…

संयुक्त राष्ट्र का शांति-रक्षा पुरस्कार पाने वाली भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीति का इस्तेमाल करने की अपील की।

बराक ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा, “आगे मुझे लगता है कि बातचीत होनी चाहिए, कूटनीति का इस्तेमाल होना चाहिए और उम्मीद है कि संघर्ष-विराम जारी रहेगा।”

लेबनान के हालात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “ऐसा होने के बाद हम समुदाय को फिर से बसाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं, न सिर्फ सड़कों और टूटे-फूटे घरों को ठीक करके, बल्कि उस सदमे से उबारकर भी जिससे वे गुजर रहे हैं। हमें एक समुदाय, सरकार और शांति-रक्षक के तौर पर इस पर काम करना होगा और लेबनान को फिर से बनाना होगा।”

इससे पहले बराक को सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस से ‘2025 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट आफ द ईयर’ अवार्ड मिला था।

उन्हें रोल माडल बताते हुए गुटेरेस ने कहा, “एक फ्रंटलाइन कमांडर के तौर पर उन्होंने वोकेशनल ट्रेनिंग और शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए हजारों महिलाओं और लड़कियों को जोड़ा है। वे बेहद मुश्किल हालात में भी महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी बदल रही हैं।”

वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने उन 4,500 शांतिरक्षकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पिछले 78 वर्षों में अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवाई। शांतिरक्षक स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद गुटेरेस ने कहा, “दुनिया भर में, संयुक्त राष्ट्र के ‘ब्लू हेलमेट’ मुश्किल समय में समुदायों के लिए उम्मीद की किरण हैं।

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