Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस विधि से करें शिव-शक्ति की आरती, मिलेगा शुभ फल और आशीर्वाद…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है।

शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। साल 2026 में यह पर्व 15 फरवरी यानी आज के दिन मनाया जा रहा है।

इस महापर्व पर विधि-विधान से पूजा के बाद शिव-शक्ति की आरती जरूर करना चाहिए।

महाशिवरात्रि की रात को ‘सिद्धि की रात’ कहा जाता है और इस दौरान की गई आरती से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है, तो आइए शिव-शक्ति की कृपा प्राप्त करते हैं –

।।भगवान शिव की आरती।। (ॐ जय शिव ओंकारा)

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।

हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

कर के मध्य कमंडलु, चक्र त्रिशूल धर्ता।

जगकर्ता जगभर्ता, जग संहारकर्ता॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।

कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥

ॐ जय शिव ओंकारा…

।।मां पार्वती की आरती।। (जय पार्वती माता)

जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।

ब्रह्मा शिवजी भी करते, नित्य तुम्हारी माता॥

जय पार्वती माता…

अरुंधति, सरस्वती, सावित्री, गौरा मैया,

ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंद माता॥

जय पार्वती माता…

कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री मैया,

नवदुर्गा रूप तेरे, पूजा करे हम सब मैया॥

जय पार्वती माता…

तुम ही अन्नपूर्णा, तुम ही जगजननी मैया,

तुम ही जगदम्बा, तुम ही जग कल्याणी मैया॥

जय पार्वती माता…

तुम ही सर्वेश्वरी, तुम ही वरदानी मैया,

जो कोई तेरी आरती गावे, सो पावे सुख मैया॥

जय पार्वती माता…

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