Magh Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्र के पहले दिन मां काली की विशेष पूजा करें, दूर होंगे दुख-कष्ट…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

Magh Gupt Navratri 2026: आज 19 जनवरी 2026 से माघ महीने की गुप्त नवरात्र का शुभारंभ हो गया है।

गुप्त नवरात्र का पहला दिन दस महाविद्याओं में प्रथम और सबसे शक्तिशाली रूप मां काली की पूजा-अर्चना को समर्पित है। जहां सामान्य नवरात्र में सात्विक पूजा का विधान है, वहीं गुप्त नवरात्र की शुरुआत मां काली की उग्र ऊर्जा के आह्वान से की जाती है।

ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्र के पहले दिन मां काली की भाव के साथ पूजा करने से साधक के जीवन के बड़े से बड़े दुख-दर्द, शत्रु और मानसिक तनाव दूर हो जाते हैं।

ऐसे में देवी को लाल गुड़हल का फूल, लौंग या नींबू की माला और गुड़ अर्पित करें। इसके बाद मां काली के 108 नामों का जप व आरती करें, जो इस प्रकार हैं –

।।देवी मां काली के 108 नाम।।

  • ॐ काल्यै नमः।
  • ॐ कपालिन्यै नमः।
  • ॐ कान्तायै नमः।
  • ॐ कामदायै नमः।
  • ॐ कामसुन्दर्यै नमः।
  • ॐ कालरात्र्यै नमः।
  • ॐ कालिकायै नमः।
  • ॐ कालभैरवपूजितायै नमः।
  • ॐ कुरुकुल्लायै नमः।
  • ॐ कामिन्यै नमः।
  • ॐ कमनीयस्वभाविन्यै नमः।
  • ॐ कुलीनायै नमः।
  • ॐ कुलकर्त्र्यै नमः।
  • ॐ कुलवर्त्मप्रकाशिन्यै नमः।
  • ॐ कस्तूरीरसनीलायै नमः।
  • ॐ काम्यायै नमः।
  • ॐ कामस्वरूपिण्यै नमः।
  • ॐ ककारवर्णनिलयायै नमः।
  • ॐ कामधेन्वै नमः।
  • ॐ करालिकायै नमः।
  • ॐ कुलकान्तायै नमः।
  • ॐ करालास्यायै नमः।
  • ॐ कामार्तायै नमः।
  • ॐ कलावत्यै नमः।
  • ॐ कृशोदर्यै नमः।
  • ॐ कामाख्यायै नमः।
  • ॐ कौमार्यै नमः।
  • ॐ कुलपालिन्यै नमः।
  • ॐ कुलजायै नमः।
  • ॐ कुलकन्यायै नमः।
  • ॐ कलहायै नमः।
  • ॐ कुलपूजितायै नमः।
  • ॐ कामेश्वर्यै नमः।
  • ॐ कामकान्तायै नमः।
  • ॐ कुञ्जेश्वरगामिन्यै नमः।
  • ॐ कामदात्र्यै नमः।
  • ॐ कामहर्त्र्यै नमः।
  • ॐ कृष्णायै नमः।
  • ॐ कपर्दिन्यै नमः।
  • ॐ कुमुदायै नमः।
  • ॐ कृष्णदेहायै नमः।
  • ॐ कालिन्द्यै नमः।
  • ॐ कुलपूजितायै नमः।
  • ॐ काश्यप्यै नमः।
  • ॐ कृष्णमात्रे नमः।
  • ॐ कुशिशाङ्ग्यै नमः।
  • ॐ कलायै नमः।
  • ॐ क्रींरूपायै नमः।
  • ॐ कुलगम्यायै नमः।
  • ॐ कमलायै नमः।
  • ॐ कृष्णपूजितायै नमः।
  • ॐ कृशाङ्ग्यै नमः।
  • ॐ किन्नर्यै नमः।
  • ॐ कर्त्र्यै नमः।
  • ॐ कलकण्ठ्यै नमः।
  • ॐ कार्तिक्यै नमः।
  • ॐ कम्बुकण्ठ्यै नमः।
  • ॐ कौलिन्यै नमः।
  • ॐ कुमुदायै नमः।
  • ॐ कामजीविन्यै नमः।
  • ॐ कुलस्त्रियै नमः।
  • ॐ कीर्तिकायै नमः।
  • ॐ कृत्यायै नमः।
  • ॐ कीर्त्यै नमः।
  • ॐ कुलपालिकायै नमः।
  • ॐ कामदेवकलायै नमः।
  • ॐ कल्पलतायै नमः।
  • ॐ कामाङ्गवर्धिन्यै नमः।
  • ॐ कुन्तायै नमः।
  • ॐ कुमुदप्रीतायै नमः।
  • ॐ कदम्बकुसुमोत्सुकायै नमः।
  • ॐ कादम्बिन्यै नमः।
  • ॐ कमलिन्यै नमः।
  • ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः।
  • ॐ कुमारीपूजनरतायै नमः।
  • ॐ कुमारीगणशोभितायै नमः।
  • ॐ कुमारीरञ्जनरतायै नमः।
  • ॐ कुमारीव्रतधारिण्यै नमः।
  • ॐ कङ्काल्यै नमः।
  • ॐ कमनीयायै नमः।
  • ॐ कामशास्त्रविशारदायै नमः।
  • ॐ कपालखट्वाङ्गधरायै नमः।
  • ॐ कालभैरवरूपिण्यै नमः।
  • ॐ कोटर्यै नमः।
  • ॐ कोटराक्ष्यै नमः।
  • ॐ काशीवासिन्यै नमः।
  • ॐ कैलासवासिन्यै नमः।
  • ॐ कात्यायन्यै नमः।
  • ॐ कार्यकर्यै नमः।
  • ॐ काव्यशास्त्रप्रमोदिन्यै नमः।
  • ॐ कामाकर्षणरूपायै नमः।
  • ॐ कामपीठनिवासिन्यै नमः।
  • ॐ कङ्गिन्यै नमः।
  • ॐ काकिन्यै नमः।
  • ॐ क्रीडायै नमः।
  • ॐ कुत्सितायै नमः।
  • ॐ कलहप्रियायै नमः।
  • ॐ कुण्डगोलोद्भवप्राणायै नमः।
  • ॐ कौशिक्यै नमः।
  • ॐ कीर्तिवर्धिन्यै नमः।
  • ॐ कुम्भस्तन्यै नमः।
  • ॐ कटाक्षायै नमः।
  • ॐ काव्यायै नमः।
  • ॐ कोकनदप्रियायै नमः।
  • ॐ कान्तारवासिन्यै नमः।
  • ॐ कान्त्यै नमः।
  • ॐ कठिनायै नमः।
  • ॐ कृष्णवल्लभायै नमः।

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