Lunar Eclipse दान: किन राशियों को मिलेगा फायदा और ग्रहण के बाद राशिअनुसार क्या दान करना है उचित…

इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर को लग रहा है,

इस दिन भाद्रपद मास पूर्णिमा तिथि है और पितृपक्ष शुरू हो रहा है। ऐसे में आपको ग्रहण के बाद किन चीजों का दान करना चाहिए इसके बारे में यहां जानें

ग्रहण कब से और सूतक कब तक

पितृपक्ष की शुरुआत सात सितम्बर को पूर्णिमा श्राद्ध से आठ को प्रतिपदा का श्राद्ध होगा।

वहीं सात सितम्बर को चंद्रगहण रात्रि 9: 58, मिनट से शुरू होगा और मोक्ष रात्रि 1: 28 मिनट तक रहेगा। पूर्णिमा पर रविवार की रात को चन्द्रगहण लगेगा तो उसका प्रभाव भी सभी पर पड़ेगा।

चन्द्रग्रहण के दौरान प्रभु का स्मरण करने से सारे दोष नष्ट होते हैं।

उनके अनुसार, चन्द्र ग्रहण का सूतक दोपहर एक बजे लगेगा। सूतक लगने से ग्रहण मोक्ष होने तक अन्न ग्रहण कराना निषेध है। ग्रहण की अवधि में किसी भी मंत्र का जाप एवं गुरू मंत्र का जाप करने से सिद्धि प्राप्ति एवं शरीर निरोग रहता है

चंद्रगहण पर क्या दान करें और किन राशियों के लिए लाभ

मेष राशि वालों को इस चंद्रग्रहण से लाभ होगा। मेष राशि वालों को लाल मसूर की दाल का दान करना चाहिए, इसके अलावा सफेद चीज का दान भी लाभ देगा। वृष राशि वालों को लाइफ में सुख मिलेगा।

वृषभ राशि के लोग सफेद चीजों का दान करें, जैसे दूध, दही या चावल का दान करें।

मिथुन राशि वालों को हरे रंग के कपड़ों, फल का दान करना चाहिए।

कर्क राशि वालों को मिश्री और दूध का दान करें। सिंह वाले लोग गुड़ का दान करें।

कन्या राशि वालों के सौभाग्य में वृद्धि होगी। कन्या राशि वालों को हरी मूंग का दान करना चाहिए। तुला दूध, चावल और घी का दान करें। वृश्चिक राशि वालों को लाल चीजों का दान करें।

मकर राशि के लोग काले तिल का दान करें। कुंभ राशि के लोगों को काले तिल और तेल का दान करना चाहिए। मीन राशि वालों को हल्दी का दान करना चाहिए। इससे अटके काम पूरे होते हैं।

मेष से लेकर मीन राशि वालों के लिए कैसा रहेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सात सितंबर को लगने वाला है। ये चंद्र ग्रहण भारत में भी नजर आएगा। ऐसे में सूतक काल भी मान्य होगा।

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार ग्रहण का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ता है। कुछ राशि वालों को शुभ तो कुछ राशि वालों को

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सात सितंबर को लगने वाला है। ये चंद्र ग्रहण भारत में भी नजर आएगा। ऐसे में सूतक काल भी मान्य होगा। चूंकि ये चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को लगेगा।

इसके साथ ही पितृ पक्ष भी आरंभ हो जाएंगे। यहां विशेष बात यह है कि साल का दूसरा चंद्र ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगेगा। इसके साथ ही चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे।

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार ग्रहण का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ता है। कुछ राशि वालों को शुभ तो कुछ राशि वालों को अशुभ फल की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं, चंद्र ग्रहण का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा-

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