ब्राजील में बिना लाइसेंस वाले बंजी-जंपिंग के दौरान एक पुल से लगभग 130 फीट नीचे गिरने से 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रीटास की मौत हो गई। इस घटना ने लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया है और एडवेंचर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों की फिर से जांच की मांग उठाई है।
यह जानलेवा हादसा साओ पाउलो राज्य में लाइमेरा और कॉर्डिरोपोलिस के बीच मौजूद ‘पोंटे डो एस्केलेटो’ (यानी ‘स्केलेटन ब्रिज’) पर हुआ। यह एक्सट्रीम स्पोर्ट्स के लिए एक लोकप्रिय जगह है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, रोड्रिग्स डी फ्रीटास को पुल से तब नीचे कुदा दिया गया जब उनकी हार्नेस से रस्सी जुड़ी ही नहीं थी।
गिरने के बाद जिंदा थी फ्रीटास
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा है कि इंस्ट्रक्टर उस युवती को अपने कंधों पर उठाते हैं और फिर उसे एक सुनसान इमारत के किनारे से धक्का दे देते हैं। कुछ ही पल बाद वहां मौजूद लोग घबराकर चिल्लाते हुए सुनाई देते हैं कि बंजी कॉर्ड जुड़ा हुआ नहीं था। इस मामले पर एक नर्स का बयान सामने आया है।
ऑफ-ड्यूटी नर्स रायजा डायस ने बताया कि जब वह पुल के नीचे पहुंचीं तो रोड्रिग्स डी फ्रीटास जिंदा थी। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए डायस ने बताया कि उस युवा महिला तक पहुंचने की कोशिश में उन्हें ढलान वाली और कीचड़ भरी जगह से नीचे उतरना पड़ा, जिससे उनके हाथों में चोट लग गई।
डायस ने रविवार को ब्राजीलियाई टीवी नेटवर्क डोमिंगो एस्पेटाकुलर से बात करते हुए कहा, “मेरा पूरा हाथ छिल गया क्योंकि वहां नीचे की तरफ एक खड़ी ढलान थी और नीचे उतरने के लिए हमारे पास सिर्फ एक ही रस्सी थी। वह पूरी जगह कीचड़ से भरी हुई थी। मैं बस नीचे-नीचे जाती रही। हमने पूरा रास्ता पैदल तय किया।”
‘वह जोर-जोर से सांस ले रही थी’
नर्स के अनुसार, गिरने के कुछ देर बाद तक रोड्रिग्स डी फ्रीटास होश में रही और जब बचावकर्मी मदद की कोशिश कर रहे थे तब उसने नर्स से बात भी की। नर्स ने बताया, “मैंने देखा कि वह जोर-जोर से सांस ले रही थी और मैंने उसकी आंखों की पुतलियों को देखा और उसकी नब्ज भी देखी। नब्ज बहुत कमजोर थी, लेकिन चल रही थी। मैंने उससे बात भी की। मेरी आदत है मजाक में यह कहने की कि मेरी शिफ्ट में कोई नहीं मरता। और मैंने उससे कहा कि मेरी शिफ्ट में कोई नहीं मरता। हालांकि, उस समय मैं अपनी शिफ्ट पर नहीं थी।”
मामले में छह लोग हिरासत में
अधिकारियों ने शुरू में इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को हिरासत में लिया था। जांचकर्ता अब यह पता लगा रहे हैं कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी और क्या जंप आयोजित करने के लिए जिम्मेदार लोगों पर गंभीर लापरवाही के कारण हुई मौत जैसे आरोप लगाए जा सकते हैं।