कालाष्टमी पर शिववास योग का दुर्लभ महासंयोग, जान लें वह ‘गोल्डन मिनट’ जब मांगी गई हर मुराद होगी पूरी…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

 वैदिक पंचांग के अनुसार, सोमवार 09 फरवरी को फाल्गुन माह की कालाष्टमी है।

यह पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर काल भैरव देव की विशेष पूजा की जाती है।

साथ ही काल भैरव देव के निमित्त व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिल जाती है।

ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर दुर्लभ शिववास योग का संयोग बन रहा है। साथ ही कई अन्य मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा।

आइए, कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-

कालाष्टमी शुभ मुहूर्त (Masik Kalashtami Rituals)

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार 09 फरवरी को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी और 10 फरवरी को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी।

कालाष्टमी पर निशा काल में काल भैरव देव की पूजा की जाती है। अत: 09 फरवरी को फाल्गुन माह की कालाष्टमी मनाई जाएगी।

शिव योग (Shiv Yoga)

ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह की कालाष्टमी पर दुर्लभ शिववास योग (Vridhi Yoga Significance) का निर्माण हो रहा है।

इस योग में भगवान शिव कैलाश पर जगत जननी मां पार्वती के साथ रहेंगे। शिववास योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को दोगुना फल मिलेगा। साथ ही सभी अटके काम पूरे होंगे।

इसके साथ ही कालाष्टमी पर वृद्धि योग का भी संयोग है। इन योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।

पंचांग

सूर्योदय – सुबह 07 बजकर 04 मिनट पर

सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 07 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *